10/05/2026
माँ का स्नेह जीवन की वह अमूल्य धरोहर है, जो हर परिस्थिति में हमें साहस, सुकून और अपनापन देती है। उनका त्याग, धैर्य और निस्वार्थ प्रेम ही जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन जाता है। माँ वह शक्ति हैं, जिनकी ममता में संसार का सबसे सच्चा प्रेम बसता है। उनका आशीर्वाद जीवन की हर कठिनाई में संबल बनकर साथ खड़ा रहता है। महर्षि वेदव्यास के शब्द आज भी माँ के महत्व को अत्यंत सुंदरता से व्यक्त करते हैं,
नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गति:।
नास्ति मातृसमं त्राणं, नास्ति मातृसमा प्रिया॥
अर्थात् माता के समान कोई छाया नहीं, माता के समान कोई सहारा नहीं। इस संसार में माँ से बढ़कर न कोई रक्षक है और न ही कोई प्रिय।
ऐसी वात्सल्य, त्याग और ममता की प्रतिमूर्ति सभी समस्त मातृशक्ति को विश्व मातृ दिवस के अवसर पर हृदय से कोटि-कोटि नमन, वंदन एवं अभिनंदन।