03/06/2026
दोगलापन जब अपनी चरम सीमा पार कर जाए, तो उसे "अनुपम खैर" कहते हैं! 👇
तस्वीर में दिख रही दोनों तस्वीरों की क्रोनोलॉजी और टाइमलाइन को ध्यान से देखिए। जब देश में पेट्रोल ₹55 लीटर हुआ करता था, तब हमारे इन दिग्गज अभिनेता को देश की जनता के पैसों की बहुत फिक्र थी। फिटनेस के बहाने ही सही, लेकिन कैमरे के सामने साइकिल पर आकर एक पॉलिटिकल स्टंट सेट किया जा रहा था ताकि महंगाई का मुद्दा बड़ा दिखे।
लेकिन आज की हकीकत क्या है? आज जब पेट्रोल की कीमत ₹110 पार हो चुकी है, आम आदमी की जेब खाली हो रही है, तब वही अनुपम खैर साहब बड़ी-बड़ी गाड़ियों के शीशे चढ़ाकर घूम रहे हैं। अब न तो उन्हें महंगाई दिखती है, न पेट्रोल के दाम चुभते हैं, और न ही फिटनेस के लिए साइकिल याद आती है।
इसे कहते हैं "सुविधाजनक राष्ट्रवाद"। जब सरकार अपनी पसंद की न हो, तो ₹55 का पेट्रोल भी आफत लगता है; और जब सरकार अपनी हो, तो ₹110 का पेट्रोल भी देश का विकास नजर आता है। फिल्मों में एक्टिंग करना अलग बात है खैर साहब, पर असल जिंदगी में जनता सब समझती है कि रीढ़ की हड्डी कहाँ झुकी हुई है! 🤫