14/11/2025
आज हम तुम्हें वह पैगाम देते हैं कि ना तुम्हारे हाफिज को पता है ना तुम्हारे मुक्तियों को पता है कुरान तो हर किसी के दिलों में होता है लेकिन कुरान का मतलब किसी को पता नहीं होता है आज हर मस्जिदों में नमाज से होती है लेकिन नमाजों का मतलब जब पद के निकलते हैं तो सलाम के जवाब जो रसूले पाक के नाम में पढ़ा जाता है सलातो सलाम क्या उनके जवाब किसी को पता होता है सलातो सलाम का मतलब यह होता है कि हम किसी को अगर सलाम वालेकुम करते हैं तो उनका मतलब होता है कि वह सही सलामत है और वह वालेकुम अस्सलाम का जवाब देता है कि हम सही सलामत है इसी तरह जब सलातो सलाम पढ़ा जाता है तो मस्जिदों में तो कहता है कुरान रसूले पाक का की हां हम इस्लाम के साथ सही सलामत है और हमारी ही पैगाम है कुराने पाक का की ए रसूल पाक आपकी दिन सही सलामत है इसीलिए तो हम नमाज के बाद सलाम पढ़ा करते हैं और आपको यह पैगाम भेजा करते हैं क्या पता है देवबंदी और बरेली और सुन्नी और वहाबियों को जो तुम आपस में ही जंग करते हो तुम्हें खुद मालूम नहीं कुरान की ताबीर और तुम इस्लाम में खुरपड़ी फ्लेट ह देने मोहम्मद almin