17/09/2025
"वो रोज़ चौपाल के कोने पर बैठा रहता था।
लोग उसे पागल कहते थे, लेकिन वह मुस्कुराकर सब सह लेता।
असल में, वो उन सबके चेहरे याद करता था
जो कभी गाँव छोड़कर शहर चले गए थे।
उसकी आँखों में इंतज़ार था और दिल में उम्मीद—
शायद कोई लौट आए,
शायद कोई कहे— 'तुम अकेले नहीं हो'।"
क्या आपको लगता है कि शहर जाने के बाद रिश्ते वही पुराने रह जाते हैं?"