03/07/2017
नई दिल्ली. अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिल रही होम लोन सब्सिडी का लाभ वे लोग भी ले सकेंगे, जिनके नाम पर कोई ज्वाइंट प्रॉपर्टी है और वे एक सिंगल हाउस लेना चाहते हैं। साथ ही, अब सिंगल व्यक्ति भी पीएमएवाई स्कीम का फायदा ले सकता है। इस बाबत सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की गाइडलाइंस में बदलाव किया है। इसके पीछे सरकार का मकसद है कि अधिक से अधिक लोग पीएमएवाई का फायदा उठा सकें, और साल 2022 तक शहरों में दो करोड़ घर बनाने का सरकार का टारगेट समय पर पूरा हो सके।
क्या है पुरानी गाइडलाइंस
मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन पॉवरिटी एलिवेशन (हूपा) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) – हाउसिंग फॉर ऑल मिशन की गाइडलाइंस में कहा गया था कि योजना का फायदा उस परिवार को मिलेगा, जिसके परिवार के किसी भी सदस्य के पास देश में कहीं भी पक्का मकान न हो। परिवार से आशय, पति-पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं।
अब किया गया है बदलाव
शुक्रवार को मिनिस्ट्री आफ हूपा ने गाइडलाइंस में बदलाव करते हुए कहा है कि अब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उस अर्निंग मैंबर को भी मिलेगा, जो सिंगल हो, लेकिन उसके नाम पर देश में कहीं भी कोई पक्का घर न हो। साथ ही, यदि किसी मैरिड कपल के नाम पर ज्वाइंट ओनरशिप वाली प्रॉपर्टी है तो वे भी स्कीम का फायदा ले सकते हैं। इसका मतलब यह है कि अगर आप और आपकी पत्नी के नाम पर कोई ज्वाइंट प्रॉपर्टी है तो भी आप एक सिंगल हाउस और ले सकते हैं और उसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की स्कीम्स का फायदा ले सकते हैं।
क्या मिलेंगे फायदे
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होम बायर्स कई तरह के फायदे मिलते हैं। जैसे कि होम लोन पर 3 से 6.5 फीसदी ब्याज सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा, प्लॉट पर घर बनाने के लिए भी लोन पर सब्सिडी मिलती है। साथ ही, सरकार द्वारा बनाए जा रहे घरों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। सरकार द्वारा घरों के निर्माण व एक्सपेंशन के लिए 1.50 लाख रुपए तक की ग्रांट भी दी जाती है।
कई कदम उठा चुकी है सरकार
25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन), हाउसिंग फॉर ऑल मिशन लॉन्च की थी। सरकार ने साल 2022 तक 2 करोड़ घर बनाने का टारगेट रखा गया था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी अब तक यह मिशन रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। सरकार ने अब तक कई दफा प्रधानमंत्री आवास योजना की गाइडलाइंस में बदलाव कर चुकी है। जैसे कि, पहले इस योजना के तहत ईडब्ल्यूएस और एलआईजी कैटेगिरी को शामिल किया गया था, लेकिन अब इसमें एमआईजी कैटेगिरी को भी शामिल कर लिया गया है। सरकार ने प्राइवेट डेवलपर्स को भी इस योजना में भाग लेने के लिए नियमों में बदलाव किया है। खासकर अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम में भी बदलाव किए गए हैं। डेवलपर्स को लोन देने के लिए बैंकों को भी आगे आना पड़ा है।