13/07/2025
“भाला फेंका नहीं गया, इतिहास में दर्ज किया गया!”
सुंदर सिंह गुर्जर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि असली जीत केवल मैदान पर नहीं, हौसलों में होती है। पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 68 मीटर दूर भाला फेंककर न सिर्फ देश के लिए स्वर्ण पदक जीता, बल्कि करोड़ों दिलों में अटल प्रेरणा बनकर उभरे।आपका यह कीर्तिमान सिर्फ एक पदक नहीं, संघर्ष की स्याही से लिखी गई एक अमर गाथा है। गांव की गलियों से निकलकर विश्व के मंच तक का सफर, हर युवा के लिए एक रोशनी की लौ है।पद्म श्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद भी आपकी विनम्रता, तपस्या और देश के प्रति समर्पण हमें सिखाता है कि असली खिलाड़ी वह होता है जो हर जीत के साथ जमीन पर और दिलों में उतरता है।