15/03/2026
🚨 *गर्मी में कंस्ट्रक्शन कार्य कराते समय छोटी सी गलती भी छत/ दीवार/पिलर/बीम में चटकन और कमजोरी ला सकती है — इसलिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें!*
🧱 Material Ratio (कंक्रीट मिश्रण)-LANTER के लिए
*1 : 1.5 : 3 (M20 GRADE/IS.456.2000 BIS APPROVED STANDARDS)*
1 = सीमेंट (CEMENT)
1.5 = कोरसेन्ट/डस्ट (COARSE SAND/DUST)
(Fine Aggregate)
3 = 20MM रोड़ी
🧱 Material Ratio (मिश्रण अनुपात)-चिनाई एवं प्लास्टर के लिए
*1 : 4 (IS 2250/IS.1661 BIS APPROVED STANDARDS)*
1 = सीमेंट (CEMENT)
4 = कोरसेन्ट/डस्ट (COARSE SAND)
*⚠️ जरूरी सावधानियाँ (अक्सर लोग यहीं गलती करते हैं):*
❌ *अनुपात से ज्यादा सीमेंट न डालें*
ज्यादा सीमेंट डालने से छत ज्यादा मजबूत नहीं होती, बल्कि क्रैक (चटकन) आने की संभावना बढ़ जाती है।
🌡️ *तेज गर्मी में OPC 43 Grade सीमेंट से बचें* ❌️
ऐसे मौसम में *Water Resistant / Solid Concrete Cement/PPC/PSC* सीमेंट ज्यादा बेहतर रहता है क्योंकि इसमें क्रैक का खतरा कम होता है।
e.g.
i) Shree Cement Bangur Magna ✅️
ii) Ultratech Weather Plus ✅️
इससे छत मजबूत, घनी और पानी से ज्यादा सुरक्षित रहती है।
❌ *कंक्रीट में ज्यादा पानी बिल्कुल न डालें*
ज्यादा पानी से कंक्रीट कमजोर हो जाता है और छत की लाइफ कम हो जाती है।
💧 *Lanter डालने के बाद लगातार पानी देना बहुत जरूरी है (Curing)*
*कम से कम 10–14 दिन* तक रोज पानी दें, नहीं तो कंक्रीट सही मजबूती नहीं पकड़ता।
⏰ *छत डालने का सही समय*
कोशिश करें कि सुबह जल्दी या शाम को लेंटर डाला जाए — दोपहर की तेज धूप में कंक्रीट जल्दी सूख सकता है।
⚠️ *ध्यान रखें:*
*छत की मजबूती सिर्फ मैटेरियल से नहीं, बल्कि सही अनुपात + सही क्योरिंग से बनती है। इसीलिए नुकसान से बचने के लिए सही मिस्त्री एवं ठेकेदार का होना भी इतना ही आवश्यक है !!*
🏗️ मजबूत और टिकाऊ निर्माण के लिए सही सलाह और सही मैटेरियल चुनें।
*ईमानदार रेट, सही वजन, निष्पक्ष सलाह — यही हमारी पहचान है।*
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