24/06/2026
खुला पत्र उन लोगो के नाम जिनके दिमाग़ पर राजशाही का भूत सवार है।
बहुजन समाज को कमजोर समझने की भूल मत कीजिए।
किसी व्यक्ति को गालियां देना केवल उसकी नहीं, पूरे समाज की गरिमा का अपमान है। और यदि किसी ने यह कहा है कि “दस लड़के भेजकर…” किसी की माँ-बहनों का अपमान करवा देगा, तो यह केवल एक बयान नहीं, बल्कि उस मानसिकता का परिचय है जो महिलाओं और समाज के सम्मान को तुच्छ समझती है।
हम साफ कहना चाहते हैं कि हम बाबा साहब के अनुयायी और बहुजन समाज डरने वाला नहीं है। हम संविधान, कानून और लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं, लेकिन सम्मान के साथ कोई समझौता भी नहीं करेंगे।
जो लोग समाज को डराने, धमकाने और अपमानित करने की भाषा बोलते हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि यह 2026 का भारत है। यहाँ हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है।
बहुजन समाज शांत है, कमजोर नहीं।
संयमित है, मजबूर नहीं।
और अपने स्वाभिमान की रक्षा करना अच्छी तरह जानता है।
न्याय कानून करेगा, लेकिन समाज अपने सम्मान के लिए एकजुट होकर खड़ा रहेगा।
जय भीम। जय संविधान। जय बहुजन स्वाभिमान।
किसी माँ ने ऐसा शेर नहीं जना जो मेरे रहते संत शिरोमणि रविदास जी के परिवार को किसी माँ-बहन को घर में घुसकर छू सके, मिट्टी में
मिला देंगे।