09/08/2024
देह सुख एक स्त्री के लिए उतना ही जरूरी होता है जितना एक पुरुष के लिए, संभोग पुरुषों के लिए सिर्फ आनंद की चीज होती है, पर एक स्त्री के लिए जरूरत की
पापा की उम्र ढल रही थी, मां को चिंता सताने लगी थी की घर में जवान बेटी है कैसे शादी होगी इस लिए लोगो और रिश्तेदारों में लड़का बताया गया,
रितेश के यहां पापा ने रिश्ता भेजा, कानपुर का एक रसूख दार परिवार, पतिदेव का अपना व्यापार बिल्डिंग का
ससुर जी ठेकेदारी का काम करते, उन्होंने फोटो देखा मैं अच्छी लगी तो रितेश की फोटो और बायोडाटा भेजा गया
झट से मैनें ऑनलाइन सभी अकाउंट देख डाले इंस्टाग्राम हो या फेसबुक, दिखने में कमाल के थे,जबरदस्त पर्सनेलिटी कोई भी देखे तो फैन हो जाए
मैने भी हामी भर दी, और बोला ठीक है आगे बात कीजिए,
इस दौरान पापा ने सभी तरह से पता लगाया और बोला परिवार अच्छा है शादी कर दो
दोनो परिवार आमने सामने मिलते हैं हम नंबर शेयर करते हैं
और अगले दिन बात होने लगती है, पसंद ना पसंद, सब कुछ जानने के बाद बात आती है सेक्शुअल एक्टिविटी पे
इस बारे में भी बात कर के काफी अच्छा महसूस होता है और मन में अरमान जागने लगते हैं
तभी korona की वजह से लॉकडाउन लग जाता है, और हम सब को पता चलता है की पापा भी करोना पॉजिटिव हैं
कुछ दिन में पापा हम लोगो को छोड़ के चले जाते हैं
पर उनके बनाए गए रिश्ते पर पूरा भरोसा था तो समय बीतने के बाद हमारी शादी होती है
शादी के बाद तो हम दोनो थके होते हैं इस लिए हमारे बीच कुछ नहीं होता, 2 3 दिन बाद पता चलता है की ये ड्रिंक कर के आते हैं मुझे ये पता था की ये पीते हैं पर इतना इसकी उम्मीद नहीं थी
शादी को 15 दिन बीत गए थे लेकिन हमारे बीच कुछ हुआ नहीं और लाज शर्म के मारे मैने भी पूछने की हिम्मत नही की
20 दिन बाद हम दोनो ट्रिप पर मलेशिया गए वहां पर होटल की जगह उन्होंने होम स्टे ले लिया, जहां मुझे खाना बनाना पड़ता और इस बार मेरे सब्र का बांध टूट गया
और मैने खुद पहल कर दी, और हमारे बीच संबंध बन गए, लेकिन पूरे ट्रिप में इन्होंने खुद कोई पहल नही की
धीरे धीरे, मुझे समझ आने लगा की ये खुद कभी पहल nhi करते मैने
मैने पूछा इस बारे में तो जवाब मिला ऐसा कुछ नही है, तुम्हारे दिमाग में कचरा भरा है
फिर 1 महीने बाद ये स्थिति आई की उन्हें सिर्फ अपनी संतुष्टि से मतलब होता,
उनकी पत्नी क्या चाहती है इससे नही,
एक स्त्री के लिए शारीरिक सुख इस लिए जरूरी है को की संतुष्टि के बाद शरीर से हार्मोन निकलते हैं जो पति के लिए प्रेम, और त्याग की भावना को जन्म देते हैं,
शरीर को स्वास्थ्य रखने में मदद करते हैं
मानसिक तनाव दूर करते हैं
पर हमारे बीच ये कमी थी, समय के साथ मैने देखा की उनका इंट्रेस्ट मुझमें कम था,
एक सुबह मेरा बैंकिंग का एग्जाम था, और उसी दिन ये लेट सो कर उठे, मैने उन्हे चाय दी और नाश्ते में दलिया दिया
मैं बोला मैं तैयार होने जा रही हूं काम से कम एक घंटा पहले पहुंचना है, इस बात पर उन्होंने गर्म चाय मेरे ऊपर फेंक दी और बोला इतनी ही जल्दी है तो गाड़ी लेलो खुद चली जाओ
मेरा एग्जाम था और मैने कुछ बोला नहीं तैयार होके आए। और सेंटर के लिए निकली
लेकिन वो इंसान जानबूझ कर long रस्ते को चुना जिससे मुझे देर हो
जैसे तैसे मैं पहुंची
लेकिन इसके बाद दूरियां और बढ़ती गईं
ऊपर से मेरी मां और मेरी सास दोनो ने बच्चे के लिए दवाब बनाया, मैने अपनी मां को सारी स्थिति बताई, उन्होंने बोला एक बच्चा करो सब सही होगा
सब बात को भूल कर मैने पहल के, जिसपर उन्होंने बोला
ज्यादा गर्मी है तो किराए पर किसी को बुला लो
इस बार मेरे सहन शक्ति का बंधन टूट गया
और मैं अपने घर वापस आगया
2 साल ऐसे शादी में रहना जिसमे आप को देह सुख प्राप्त ना हो
और साथ ही साथ पति का कोई इमोशनल अटैचमेंट ना तो वो घर घर नही जेल हो जाता है
मैने डिवोर्स फाइल किया, और बैंकिंग की तैयारी में जुट गई,
और वर्ष 2022 में मैने केनरा बैंक में नौकरी ज्वाइन कर ली
2023 में मेरी मुलाकात दिलीप से हुई उनकी कहानी भी मेरे जैसे थी, उनकी पत्नी इनपर और उनके परिवार पर जुल्म करती थी,
और फिर घर वालो की राजा मंदी से हमने शादी की
दिलीप एक प्राइवेट कंपनी में एमआर हैं, कमाई और दौलत बेशक कम है, पर एक स्त्री को संतुष्ट कैसे करना है
स्त्री का सम्मान कैसे करना है, ये सारी बातें उन्हें अच्छे से पता है
क्यों की पुरानी पत्नी की वजह से उनकी मां और बहन ने आत्म हत्या कर ली थी,
आज कल हम लोग पैसे शोहरत और संपत्ति को देख कर शादी करते हैं, लेकिन मेरा मानना है ऐसे समाप्ति आप को सोशल स्टेटस अच्छा दे सकते हैं लेकिन मानसिक संतुष्टि नहीं
एक लड़की के लिया उसका पति ऐसा होना चाहिए जो उसे संतुष्ट करे, और उसका सम्मान करें