18/06/2026
रौशन आनंद सर से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज होने या न होने को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना सबसे उचित है। कानून सभी के लिए समान है और न्याय प्रक्रिया तथ्यों के आधार पर आगे बढ़नी चाहिए।