31/05/2026
भाषा की मर्यादा पर सवाल: एक सूबे के मुख्यमंत्री के मुंह से विपक्ष के प्रदेश अध्यक्ष के लिए "दो कौड़ी का रद्दी" जैसे शब्दों का इस्तेमाल पद की गरिमा को गिराता है। यह गुस्सा और अभद्र भाषा साफ दर्शाती है कि सत्ता पक्ष में घबराहट और बौखलाहट है।
जनता के असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश: मुख्यमंत्री जी शाजापुर के आयोजन में जनता के मुद्दों जैसे किसानों को मुआवजा, युवाओं को रोजगार या कानून व्यवस्था पर बात करने के बजाय निजी हमलों पर उतर आए हैं।
जीतू पटवारी जी जनता की आवाज हैं: हमारे प्रदेश अध्यक्ष लगातार किसानों, युवाओं और महिलाओं की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ रहे हैं। जनता की आवाज उठाने वाले नेता को कमजोर बताना सिर्फ अपनी नाकामियों को छुपाने का बहाना है।
धिक्कार है मध्य प्रदेश सरकार@highlightIndian National Congress - Madhya PradeshJitu PatwariJaivardhan SinghDigvijaya SinghMohit Agarwal CongressDr Devendra SharmaAjay SinghDr. Satish Singh SikarwarPradeep Jain AdityaPraveen PathakJatinder Pal Singh RajaBabu Jandelफूल सिंह बरैया बरैयाGuddu Raja BundelaRamu SharmaMukesh NayakRohini Nayakके. पी. सिंह - कक्काजूSaurabh Dubey Shivpuri@