28/08/2026
यथा शिखा शिखण्डिनां गाथा समरवर्तिनाम्।
तथा भ्रातुः करे रक्षां बध्नामि सुखवर्धिनीम्॥
अर्थ:
जिस प्रकार मयूर की शिखा और योद्धा की गाथा शोभा देती है, उसी प्रकार भाई की कलाई पर यह सुख-समृद्धि बढ़ाने वाला रक्षासूत्र शोभायमान हो।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं!