गायक शिवजी महाराज

गायक शिवजी महाराज Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from गायक शिवजी महाराज, Real Estate, डोडियाना, Ajmer.

24/03/2025

बहुत खतरनाक धाड़ है शेर की 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
दोस्तों हमारे पेज को फॉलो जरूर करें सा

आधुनिकता की चादरों से ढका शख्स वो सादगी का दुश्मन है ओढ़  के  बैठो  ना  उदासी को चश्मे आंसू खुशी का दुश्मन है
08/10/2022

आधुनिकता की चादरों से ढका
शख्स वो सादगी का दुश्मन है

ओढ़ के बैठो ना उदासी को
चश्मे आंसू खुशी का दुश्मन है

03/08/2022
जय जय श्री राम🙏🙏🙏🙏🙏-------------न नर न नारी,ब्रम्हा की सृष्टि सारीहिमालय पूर्वजस्थान,रहते ब्रम्हचारी ब्रम्हा केअतिप्रिय ...
08/07/2022

जय जय श्री राम
🙏🙏🙏🙏🙏
-------------
न नर न नारी,ब्रम्हा की सृष्टि सारी
हिमालय पूर्वजस्थान,रहते ब्रम्हचारी
ब्रम्हा केअतिप्रिय इंद्र विष्णु त्रिपुरारी
आधे आधे जुड़ते जब नर और नारी

इन्द्रसभा से विशिष्ठ पद के अधिकारी
किन्नर यक्ष गन्धर्व सुर संगीत गायन
शिवसभा के गूँजन गायन हितकारी
अर्जुन उलूपी सन्तति इरावन के है सारे

भव्य ऐतिहासिक इतिहास लिए
सुर संगम वाणी का वरदान।लिए
रोटी कपड़ा और मकान के वास्ते
घर घर दर दर फिरते ये मारे मारे

गायक शिवजी महाराज

वो आख़िरी ख़त मैं आश्रम का एक सेवादार हर आते जाते की ख़बर रखती मेरी नज़र बड़ा ही विचित्र सा था उनका व्यवहार अधेड़ उम्र म...
05/07/2022

वो आख़िरी ख़त

मैं आश्रम का एक सेवादार
हर आते जाते की ख़बर रखती मेरी नज़र
बड़ा ही विचित्र सा था उनका व्यवहार
अधेड़ उम्र में संन्यस्त जीवन से किया था प्यार
अक्सर उनके ध्यान को खींचता मेरा ध्यान
ध्यान में होकर भी रहते हो वो विचलित परेशान
निम्न तुच्छ सा मैं प्राणी
विद्वान से करूँ कैसे सवाल
कण्ठ में ना थी ऐसी वाणी
बीत गया एक लम्बा अन्तराल
देखता रहा मैं उन्हें सालो साल
थे वो बड़े उच्च कोटि के विद्वान शान्त स्वभाव
हाथ में मेरे ख़त था उन सज्जन के नाम
बरसो बाद उनकी पहचान का था वो प्रमाण
उत्सुक था जानने को मैं भी उनका वृतांत
भागा लेकर ख़त उनके पास
ख़त को देखकर लगे वो कुछ उदास
बोले तुम ही पढ़ दो नहीं रहा अब मोह पाश
पढ़ने लगा मैं एक एक शब्द ध्यान के साथ
सुन रहे थे वो होकर सजग सावधान
बाबा के चरणों में प्रणाम
मैं आपका ज्येष्ठ पुत्र जिसे बचपन
में आप कर आये थे अनाथ
माँ कीं आज्ञा का पालन करना है मेरा धर्म
जिसने माँ ही नहीं पिता बनकर भी निभाया है अपना फ़र्ज़
उच्च संस्कारों का दिया हमें ज्ञान
आपके लिए था उसके मन में बड़ा सम्मान
छोड़ कर चली गई है अब वो संसार
जीवन भर आपको करती रही वो याद
उसी का आदेश था आपको दी जाये ख़बर
आख़िरी बार है मेरा और आपका ये सम्पर्क
ख़त सुनकर वो उठकर दिये चल
कहकर चलो अच्छा है ये काँटा भी गया निकल
ईश्वर के ध्यान में गये वो यूँ खो
बरसो से जिसकी तलाश में भटक रहे थे जैसे वो
हतप्रभ सा मैं खड़ा सोचता रहा
जिस पत्नी का बरसो पहले कर आये थे त्याग
उसे ही पकड़े हुए थी उनकी हर साँस
था वो दबा कहीं प्रेम या आत्मग्लानि का भाव
ईश्वर ही जाने उनके मन का वो अहसास
पत्नी गृहस्थ में भी वैराग्य को गई निभा
पति संन्यस्त में भी गृहस्थ से नहीं हो सका विदा
इन्हीं बातों को सोचते मैं चला
शांति की तलाश की यात्रा कैसे हो पुरी
जब तक पीछा कर रही है ज़िम्मेदारियाँ अधूरी
इन्सान भले ही पकड़ ले जंगल आश्रम की छोर
अशांत चित का शोर बना रहेगा सदा शांति के चारों ओर
वो आख़िरी ख़त मैंने रख लिया बड़ा सम्भाल
था वो एक धरोहर एक अनमोल मोती समान

गायक शिवजी महाराज

26/06/2022

दोस्तों पेज को फॉलो करे और लाइक करे

Address

डोडियाना
Ajmer

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when गायक शिवजी महाराज posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category