12/05/2026
आप का अपना बेटा... और आप का भाई...साजिद मेव
मेरे प्यारे भाइयों, बहनों और नौजवान साथियों…
आज मैं आपके सामने किसी बड़े आदमी के रूप में नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर, किसान और हर उस इंसान की आवाज़ बनकर खड़ा हूँ जिसे आज तक सिर्फ़ वादे मिले, इंसाफ नहीं।
हमने देखा है कि गरीब आदमी थाने-चौकी के चक्कर काटता है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं होती। मजदूर दिन-रात मेहनत करता है, फिर भी उसका घर मुश्किल से चलता है। नौजवानों के पास हुनर है, लेकिन रोजगार नहीं। बुजुर्गों के पास अनुभव है, लेकिन सहारा नहीं।
इसीलिए आज हम लेकर आए हैं — “हक और इंसाफ पार्टी”
एक ऐसी पार्टी जो सिर्फ़ चुनाव नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए बनी है।
हमारा मकसद साफ है —
गरीब को उसका हक दिलाना,
कमज़ोर को इंसाफ दिलाना,
और हर जरूरतमंद के साथ खड़ा रहना।
हम वादा नहीं करते…
हम साथ निभाने की बात करते हैं।
अगर किसी गरीब के साथ अन्याय होगा,
तो “हक और इंसाफ पार्टी” उसकी आवाज़ बनेगी।
अगर किसी मजदूर का हक मारा जाएगा,
तो हम उसके लिए लड़ेंगे।
अगर किसी माँ-बहन को परेशानी होगी,
तो हम उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए खड़े होंगे।
मेरे साथियों,
यह पार्टी किसी एक आदमी की नहीं…
यह हर गरीब, हर मजदूर, हर आम इंसान की पार्टी है।
आज मैं आप सबसे अपील करता हूँ —
डरना नहीं, झुकना नहीं,
अपने हक के लिए एकजुट होना है।
आओ मिलकर एक नई शुरुआत करें,
जहाँ गरीब मजबूर नहीं, मजबूत होगा…
जहाँ इंसाफ पैसे से नहीं, सच से मिलेगा…
जय हिंद।
जय जनता।
हक और इंसाफ पार्टी ज़िंदाबाद।