Pt Rahul Shukla

Pt Rahul Shukla Astrologer , Vedic Karmakand

प्रनतपाल रघुनायक करुना सिंधु खरारि।गएँ सरन प्रभु राखिहैं तव अपराध बिसारि॥जय श्री सीताराम🙏🏼🙏🏼🚩🚩
23/01/2022

प्रनतपाल रघुनायक करुना सिंधु खरारि।
गएँ सरन प्रभु राखिहैं तव अपराध बिसारि॥
जय श्री सीताराम🙏🏼🙏🏼🚩🚩

आप सभी भगवत भक्त जनों को सादर जय सियाराम🙏🏼🙏🏼🚩🚩
23/01/2022

आप सभी भगवत भक्त जनों को सादर जय सियाराम🙏🏼🙏🏼🚩🚩

शनि की पहिचान 🌷🙏🏼जातक को अपने जन्म दिनांक को देखना चाहिये, यदि शनि चौथे, छठे, आठवें, बारहवें भाव मे किसी भी राशि में विश...
28/08/2021

शनि की पहिचान 🌷🙏🏼

जातक को अपने जन्म दिनांक को देखना चाहिये, यदि शनि चौथे, छठे, आठवें, बारहवें भाव मे किसी भी राशि में विशेषकर नीच राशि में बैठा हो, तो निश्चित ही आर्थिक, मानसिक, भौतिक पीडायें अपनी महादशा, अन्तर्दशा, में देगा, इसमे कोई सन्देह नही है, समय से पहले यानि महादशा, अन्तर्दशा, आरम्भ होने से पहले शनि के बीज मंत्र का अवश्य जाप कर लेना चाहिये.ताकि शनि प्रताडित न कर सके, और शनि की महादशा और अन्तर्दशा का समय सुख से बीते.याद रखें अस्त शनि भयंकर पीडादायक माना जाता है, चाहे वह किसी भी भाव में क्यों न हो.?
जय श्री सीताराम🙏🏼🙏🏼🚩🚩

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞⛅ *दिनांक 11 अगस्त 2021*⛅ *दिन - बुधवार*⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)*⛅ *शक संवत - ...
11/08/2021

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 11 अगस्त 2021*
⛅ *दिन - बुधवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)*
⛅ *शक संवत - 1943*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - वर्षा*
⛅ *मास - श्रावण*
⛅ *पक्ष - शुक्ल*
⛅ *तिथि - तृतीया शाम 04:53 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
⛅ *नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी सुबह 09:32 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
⛅ *योग - शिव शाम 06:28 तक तत्पश्चात सिद्ध*
⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:44 से दोपहर 02:21 तक*
⛅ *सूर्योदय - 06:17*
⛅ *सूर्यास्त - 19:10*
⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - मधुश्रवा-ठकुरानी-हरियाली तृतीया*
💥 *विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *नागपंचमी* 🌷
🙏🏻 *श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 13 अगस्त, शुक्रवार को है। इस दिन नागों की पूजा करने का विधान है। हिंदू धर्म में नागों को भी देवता माना गया है। महाभारत आदि ग्रंथों में नागों की उत्पत्ति के बारे में बताया गया है। इनमें शेषनाग, वासुकि, तक्षक आदि प्रमुख हैं। नागपंचमी के अवसर पर हम आपको ग्रंथों में वर्णित प्रमुख नागों के बारे में बता रहे हैं-*
🐍 *वासुकि नाग*
*धर्म ग्रंथों में वासुकि को नागों का राजा बताया गया है। ये हैं भगवान शिव के गले में लिपटे रहते हैं। (कुछ ग्रंथों में महादेव के गले में निवास करने वाले नाग का नाम तक्षक भी बताया गया है)। ये महर्षि कश्यप व कद्रू की संतान हैं। इनकी पत्नी का नाम शतशीर्षा है। इनकी बुद्धि भगवान भक्ति में लगी रहती है। जब माता कद्रू ने नागों को सर्प यज्ञ में भस्म होने का श्राप दिया तब नाग जाति को बचाने के लिए वासुकि बहुत चिंतित हुए। तब एलापत्र नामक नाग ने इन्हें बताया कि आपकी बहन जरत्कारु से उत्पन्न पुत्र ही सर्प यज्ञ रोक पाएगा।*
*तब नागराज वासुकि ने अपनी बहन जरत्कारु का विवाह ऋषि जरत्कारु से करवा दिया। समय आने पर जरत्कारु ने आस्तीक नामक विद्वान पुत्र को जन्म दिया। आस्तीक ने ही प्रिय वचन कह कर राजा जनमेजय के सर्प यज्ञ को बंद करवाया था। धर्म ग्रंथों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय नागराज वासुकि की नेती (रस्सी) बनाई गई थी। त्रिपुरदाह (इस युद्ध में भगवान शिव ने एक ही बाण से राक्षसों के तीन पुरों को नष्ट कर दिया था) के समय वासुकि शिव धनुष की डोर बने थे।*
🐍 *शेषनाग*
*शेषनाग का एक नाम अनंत भी है। शेषनाग ने जब देखा कि उनकी माता कद्रू व भाइयों ने मिलकर विनता (ऋषि कश्यप की एक और पत्नी) के साथ छल किया है तो उन्होंने अपनी मां और भाइयों का साथ छोड़कर गंधमादन पर्वत पर तपस्या करनी आरंभ की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा ने उन्हें वरदान दिया कि तुम्हारी बुद्धि कभी धर्म से विचलित नहीं होगी।*
🐍 *ब्रह्मा ने शेषनाग को यह भी कहा कि यह पृथ्वी निरंतर हिलती-डुलती रहती है, अत: तुम इसे अपने फन पर इस प्रकार धारण करो कि यह स्थिर हो जाए। इस प्रकार शेषनाग ने संपूर्ण पृथ्वी को अपने फन पर धारण कर लिया। क्षीरसागर में भगवान विष्णु शेषनाग के आसन पर ही विराजित होते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण व श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम शेषनाग के ही अवतार थे।*
🐍 *तक्षक नाग*
*धर्म ग्रंथों के अनुसार, तक्षक पातालवासी आठ नागों में से एक है। तक्षक के संदर्भ में महाभारत में वर्णन मिलता है। उसके अनुसार, श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गयी थी। तक्षक से बदला लेने के उद्देश्य से राजा परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने सर्प यज्ञ किया था। इस यज्ञ में अनेक सर्प आ-आकर गिरने लगे। यह देखकर तक्षक देवराज इंद्र की शरण में गया।*
🙏🏻 *जैसे ही ऋत्विजों (यज्ञ करने वाले ब्राह्मण) ने तक्षक का नाम लेकर यज्ञ में आहुति डाली, तक्षक देवलोक से यज्ञ कुंड में गिरने लगा। तभी आस्तिक ऋषि ने अपने मंत्रों से उन्हें आकाश में ही स्थिर कर दिया। उसी समय आस्तिक मुनि के कहने पर जनमेजय ने सर्प यज्ञ रोक दिया और तक्षक के प्राण बच गए।*
👉🏻 शेष कल.........

📖 *हिन्दू पंचांग संपादक ‌,, पं राहुल शुक्ला
🙏🏻श्री धाम अयोध्या जी🌹🌻☘🌷🌺🌸🌼💐🙏🏻जय श्री सीताराम 🙏

🙏🌹सादर जय सियाराम🌹🙏!!जरूर देखें अपने पत्रिका में !!नवग्रहों में शुक्र का विशेष स्थान है. शुक्र को भोर का तारा भी कहा गया...
29/06/2021

🙏🌹सादर जय सियाराम🌹🙏
!!जरूर देखें अपने पत्रिका में !!
नवग्रहों में शुक्र का विशेष स्थान है. शुक्र को भोर का तारा भी कहा गया है. शादी विवाह संस्कार में शुक्र की स्थिति का विशेष ध्यान रखा जाता है. शुक्र अस्त पर शादी विवाह जैसे कार्य नहीं किए जाते हैं. शुक्र को लव और लग्जरी लाइफ का कारक माना गया है.

"शुक्र ग्रह के कमजोर या अशुभ होने पर लव रिलेशन यानि प्रेम संबंधों में समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसके साथ सुखों में भी कमी प्रदान करता है. इसलिए शुक्र को शुभ बनाए रखना जरूरी माना गया है.

"शुक्र अशुभ हैं, ऐसे पता लगाएं
जन्म कुंडली में शुक्र अशुभ हैं इसका पता लगाया जा सकता है. जीवन में जब इस तरह की दिक्कतें आने लगें तो समझ लेना चाहिए कि शुक्र अशुभ फल प्रदान कर रहे हैं-

"लव रिलेशन में प्रेम की कमी.

काम और सुख में कमी.

दांपत्य जीवन में मन मुटाव की स्थिति.

आकर्षण में कमी

धन की कमी

वाणी दोष

"वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं शुक्र
ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को वृष और तुला राशि का स्वामी माना गया है. मीन राशि शुक्र की उच्च राशि है. शुक्र कन्या राशि में नीच के माने गए हैं. बुध और शनि देव से शुक्र की मित्रता है. सूर्य और चंद्रमा से शुक्र के संबंध अच्छे नहीं माने जाते हैं.
"शुक्र गोचर 2021 (Venus Transit In Cancer)
वर्तमान समय में शुक्र कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं. शुक्र का राशि परिवर्तन 17 जुलाई 2021 को होगा. इस दिन कर्क राशि से निकल कर शुक्र सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. शुक्र एक राशि में करीब 23 दिनों तक रहते हैं.

"शुक्र के उपाय (Shukra Grah Ke Upay)
प्रेम संबंधों में जब निरंतर बाधाएं सताने लगें तो शुक्र का उपाय करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है. शुक्र को शुभ बनाने के लिए ये कर सकते हैं-

"स्वच्छता अपनाएं.

महिलाओं का सम्मान करें.

गलत कार्यों से दूर रहना चाहिए.

धोखा नहीं देना चाहिए.

वाणी को खराब नहीं करना चाहिए.

लक्ष्मी जी की पूजा करें.

सफेद वस्त्र का दान करें.

शुक्र ग्रह मंत्र (Shukra Grah Ka Mantra)

''ओम द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः''
इस मंत्र का 108 बार जाप करें..
पं राहुल शुक्ल

''परामर्श हेतु संपर्क करे 9670578696

श्री हनुमान जी महाराज, श्री हनुमान गढ़ी अयोध्या धाम के आज 26-06-2021 के अद्भुत एवं अलौकिक दर्शन… श्री हनुमान जी की कृपा ...
26/06/2021

श्री हनुमान जी महाराज, श्री हनुमान गढ़ी अयोध्या धाम के आज 26-06-2021 के अद्भुत एवं अलौकिक दर्शन… श्री हनुमान जी की कृपा आप सभी पर बनी रहे.. ऐसी मंगल कामना…!!!
्री_राम

अनंत बैटरी सर्विस गोंडा
09/04/2021

अनंत बैटरी सर्विस गोंडा

(1)तीन संयोगों का मुहूर्त- 11 मार्च को सुबह 9:24 तक शिव योग रहेगा. इसके बाद सिद्ध योग लग जाएगा, जो 12 मार्च सुबह 8:29 तक...
11/03/2021

(1)तीन संयोगों का मुहूर्त-
11 मार्च को सुबह 9:24 तक शिव योग रहेगा. इसके बाद सिद्ध योग लग जाएगा, जो 12 मार्च सुबह 8:29 तक रहेगा. शिव योग में किए गए सभी मंत्र शुभफलदायक होते हैं. इसके साथ ही रात 9:45 तक घनिष्ठा नक्षत्र रहेगा!
(2) महाशिवरात्रि की पूजा विधि-
प्रात:काल में जल्दी उठकर स्नान करें. इसके बाद मिट्टी के लोटे में पानी या दूध भरकर उसके ऊपर बेलपत्र डालें. धतूरे के फूल डालें. चावल आदि डालें और फिर इन्हें शिवलिंग पर चढ़ाएं. यदि आप शिव मंदिर नहीं जा सकते हैं तो घर पर ही मिट्टी का शिवलिंग बनाकर आपका उनका पूजन कर सकते हैं. शिव पुराण का पाठ करें और महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करें.
🔱🔱🚩भगवान शिव और माता पार्वती जी के विवाह उत्सव एवं महाशिवरात्रि की आप सभी को बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामना एवं ढेर सारी बधाई भगवान शिव की कृपा सदैव आप सभी पर बनी रहे ऐसी मंगल कामना🌷🌷🔱🔱🙏🙏
पं राहुल शुक्ला जी "अयोध्या"

जामवंत के बचन सुहाए। सुनि हनुमंत हृदय अति भाए॥तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई। सहि दुख कंद मूल फल खाई॥1॥जय श्री सीताराम🙏🙏🚩...
09/03/2021

जामवंत के बचन सुहाए। सुनि हनुमंत हृदय अति भाए॥
तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई। सहि दुख कंद मूल फल खाई॥1॥
जय श्री सीताराम🙏🙏🚩🚩

आप सभी मित्रों को सादर जय सियाराम🙏🙏🚩🚩
02/03/2021

आप सभी मित्रों को सादर जय सियाराम🙏🙏🚩🚩

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