15/08/2026
बचपन से ही हमें अपने पूर्वजों के बलिदान, संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन की गाथाएँ सुनाई जाती हैं। हमें बताया जाता है कि हमारे वीर स्वतंत्रता सेनानियों ने वर्षों तक अंग्रेजी शासन के अत्याचार और गुलामी के विरुद्ध संघर्ष किया। अनगिनत वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, तब जाकर हमें 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
यह आजादी हमें उपहार में नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे असंख्य देशवासियों का त्याग, तपस्या, संघर्ष और बलिदान छिपा है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम इस स्वतंत्रता का सम्मान करें और अपने देश को सशक्त, सुरक्षित, शिक्षित और विकसित भारत बनाने में अपना योगदान दें।