08/04/2026
वुमन बाईक राईडिंग, बालाघाट से टेकाड़ी तक महिलाओं और युवतियों ने चलाई बाईक, रक्षिका शौर्य शक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष बोली महिला सशक्तिकरण को लेकर की गई पहल
बालाघाट। आज महिलाएं हर मोर्चे पर आगे है, ऐसे में महिलाओं ने बाईक राईडिंग कर अपनी ताकत का परिचय दिया है।
दरअसल, जिले में निरंतर महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही रक्षिका शौर्य शक्ति फाउंडेशन के साथ महिलाओं और युवतियों ने मंगलवार को वुमन बाइक राइडिंग मंे हिस्सा लिया। बालाघाट से तकरीबन 8 से 10 किलोमीटर दूर तक महिलाएं और युवतियां बाईक चलाते हुए पर्यटन स्थल गांगुलपारा तक पहुंची है।
महिला सशक्तिकरण की इस पहल में महिलाओं और युवतियों के बाईक राईडिंग के उत्साह, जोश और आत्मविश्वास को प्रेरित करने ग्राम टेकाडी सरपंच रश्मि तारा कावरे ने सभी का स्वागत किया। इस दौरान सुभाष चौरे, राकेश सरवरी, तिलक नागपुरे, तारा कावरे, अजीत कुमार, देवेंद्र कावरे, विशाल गाड़ेश्वर, पंकज चौरे, सावन मांदरे, सादिक मोहमद द्वने बाइक राइडिंग टीम की हौंसला अफजाई की।
जिसके बाद सभी महिलाओं और युवतियों ने ग्राम टेकाड़ी में टूरिज्म बोर्ड द्वारा स्थापित होमस्टे और पर्यटन स्थल का आनंद लिया। बाइक राइडिंग में मुख्य रूप से रक्षिका शौर्य शक्ति फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष जयश्री प्रकाश सोनवाने सहित जिले के अलग-अलग ग्राम से हिस्सा लेनी वाली महिलाएं और युवतियों में प्राची मेश्राम, कीर्ति जांगड़े, रीना भालेकर, गंगा दमाहे, आरती मरावी, प्रिया नगपुरे, शीतल, अंबिका, कल्याणी ने इसी आत्मविश्वास के साथ लंबी दूरी तय कर पर्यटन और दर्शनीय स्थल तक बाईक राईडिंग करने का संकल्प लिया।
अध्यक्ष जयश्री सोनवाने ने बताया कि बाईक राईडिंग ना केवल महिलाओं और युवतियों को सशक्तिकरण करने की दिशा में पहल है बल्कि बालाघाट जैसे जिले में यह एक शुरूआत है, ताकि महिलाएं और युवतियां आगे आकर अपने राईडिंग के शौक को पूरा कर सके और आगे बढ़ सके। उन्होंने बताया कि महिलाओं को सशक्त करने जिले में संस्था महिलाओं को ऑटो रिक्शा प्रशिक्षण के साथ ही सुरक्षा, आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित कर रही है।
सिटीलाईव (रिपोर्टर)