Shanti Gupta Construction & Real Estate Pvt Ltd.

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16/03/2026

80 और 90 के दशक में गुज़रे पल – The Golden बचपन ❤️
समय के साथ-साथ ये पुराने दरवाज़े भी खत्म होते जा रहे हैं।
बचपन में ऐसा दृश्य लगभग हर गांव के घर में होता था,
आज धीरे-धीरे यादों में ही रह गया है। 🙏

16/03/2026

**छोड़ना था... ** छोड़ना था छल, कपट और पाप, पर तुमने क्या छोड़ा?

लहसुन और प्याज़। 🧅 ━━

छोड़ना था अहंकार का बोझ, पर छोड़ दी चाय में चीनी। छोड़ना था दूसरों को कोसना, पर छोड़ दिया मंगलवार को नमक। छोड़ना था झूठ का सहारा,
पर छोड़ दी एकादशी को चावल। ━

व्रत रखा तन का, पर मन में वही पुराना मैल। मंदिर गए रोज़, पर घर में वही कलह और बैर। माला फेरी घंटों, पर पड़ोसी से वही जलन, वही वैर।

भगवान ने कब कहा था — प्याज़ छोड़ो, इंसानियत नहीं? कब कहा था —

09/03/2026

"अपना सारा पैसा किसी भी संपत्ति में न लगाएं। नकदी हाथ में रखें। विश्व अर्थव्यवस्था निकट भविष्य में भारी मंदी का सामना कर सकती है।"

पुरुष के पास पैसा हो तो औरत नंगी हो जाती है,और अगर पैसे ना हो तो पुरुष नंगा हो जाता है...जब एक पुरूष की एक महिला से शादी...
01/03/2026

पुरुष के पास पैसा हो तो औरत नंगी हो जाती है,और अगर पैसे ना हो तो पुरुष नंगा हो जाता है...

जब एक पुरूष की एक महिला से शादी की बात चल रही थी, तो लगता था कि ये वही लड़की है जिसे भगवान ने उसके लिए बनाया है..

जल्दी ही वे इतना घुल मिल गए, की जिम्मेदारियों की बाते शारीरिक संबंध तक पहुंच गईं..

अब तो मानो ऐसा लगता था जैसे कि बस जल्दी शादी हो..

पुरुष का कहना था कि वो मुझसे ज्यादा मेरे मां बाप को प्यार करेगी

एक पुरुष को क्या चाहिए ऐसी लड़की जो उसे जी भर शारीरिक सुख दे उसका और उसके मां बाप का ध्यान रख सके...

दोनों की शादी होती है, और उनके बीच सब अच्छा चलता है, शादी के बाद ही पता चला कि जिस चीज को करने की आदमी को इतनी जल्दी होती है, उससे कहीं ज्यादा तड़प एक औरत में होती है..

पुरुष को भी महिला पर इतना प्यार आता था, कि मन करता था उसकी हर ख्वाइश पूरी करे और प्रयास भी करता था..

लेकिन समय के साथ जिम्मेदारियां बड़ी और पुरुष ने महिला को बोला कि हम दोनों को जीवन साथ काटना है इस लिए खर्चे पर थोड़ा ध्यान देना होगा..

इसे सुन के उसने तुरंत बोला कि अब क्या कटौती करनी है , ऑलरेडी मन मार कर रहती हूं..

पुरुष ने मन में सोचा कि वह तो इसकी हर ख्वाइश पूरी करता है फिर ये ऐसे कैसे बोल सकती है कि मन मार के रहती हूं...

पुरुष बोला आखिर क्या कमी है जो तुम बोल रही हो मन मार के रहती हो..

उसने पुरुष को गिनाया, की मैं भी बड़ी गाड़ी में घूमना चाहती हूं

मैं भी चाहती हूं कि साल में कम से कम ४- ५ ट्रिप करूं

मैं भी चाहती हूं कि मेरा घर सजा रहे .

मैं मेकअप के सामान ब्रांडेड इस्तेमाल करूं..

पुरुष बोला खुद ३००० की लिपस्टिक लगाती हो ५००० का पाऊडर और क्या चाहिए

जवाब में महिला ने ऐसी बात बोली मानो एहसान गिना रही हो।कि किसी चीज की डिमांड नहीं करती है...

और पुरुष को खुद पर आत्म ग्लानि होने लगी कि उसकी पत्नी की ख्वाइश वह पूरा नहीं कर पा रहा, पुरुष ने दोबारा बात नहीं की इस बारें में...

और साइड में भी २-३ काम करना शुरू किया, जिससे एडिशनल अर्निंग हो जाए,

तभी उसका बर्थडे आने वाला था, उसने एक ड्रेस पसंद की थी दुकान पर जिसकी कीमत १२००० रूपये थी..

पुरुष ऑफिस से आता है, और वो पुरुष गले लगाती है, पानी देती है, और बोलती है पैसे देदो, जाके ड्रेस लेलूँ..

पुरूष भी मजाक के मूड में था, और बोला कि अरे डियर पैसे तो नहीं हो पाएं हैं क्यों कि इस महीने सैलेरी मिलने में काफी दिक्कत होगी....

इस बार साथ में बर्थडे मनाते हैं ड्रेस तुम अगले महीने ले लेना और साथ में अपनी महंगी वाली लिपस्टिक भी...

तभी वो पुरुष को अपने से दूर जाने को बोलने लगी...

क्या यार आपसे एक चीज बोली थी वो भी आपने लाकर दी, मैने शॉप वाले को बोल के रखा था ले लुंगी बेचना मत...

अब बेइज्जती हो गई

तुरंत पुरुष बोला, कि अरे इसमें बेइज्जती कैसी शॉप है, बिक भी जाए तो फिर उसी में का मंगवा लेना...

अच्छा मंगवा लूंगी और जो मैने अपने फ्रेंड्स को बोला है कि मैं बर्थडे में वही ड्रेस पहनूंगी उसका क्या

क्या ये मेरी बेइज्जती नहीं है

इस बात पर पुरुष बोला तो क्या मैं चोरी करने जाऊं अगर ऑफिस में वेतन लेट हो रहा तो मेरी क्या गलती है...

उसने तुरंत बोला यार तुम्हारा हर बार का नाटक यही है

एक तो मैं कभी कुछ मांगती नहीं हूं और मांग रही हूं तो तुम ऐसी बात कर रहे हो...

हट जाओ मुझसे बात मत करना

और पूरी शाम उसने पुरुष से बात नहीं की।

रात में भी ठीक से खाना नहीं बनाया

और बेड रूम में चली गई पुरुष भी सोने वाला था और उसे 12000 रुपए ड्रेस के और 10000 पार्टी के दिए..

पैसे देखते ही उसने पुरुष को बोला कि अरे बाबू जब पैसे लाए थे तो बताया क्यों नहीं

और गले लगा कर सोरी बोलने लगी,

और बोला ना जाने क्या क्या बोल दिया आप को बाबू

पुरुष कुछ बोला नहीं सो गया,अगले दिन सुबह उठते ही उसने पुरुष को सॉरी बोला और करीब आके शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की,पर इस बार पुरूष का अंदर से मन भी नहीं था पुरूष ने उससे मना कर दिया..

ऑफिस जाते टाइम महिला ने पुरूष को बोला गलती हो गई माफ कर दो,

पुरुष बोला गलती तुमसे नहीं हुई है मुझसे हुईं है

तुम मुझसे प्यार करती ही नहीं तुम्हें बस मेरे पैसे से प्यार है और पुरुष ऑफिस चला गया

और सोचने लगा कि आजकल की महिलाएं ऐसी हैं, की अगर मेरे पास पैसा है तो वो मेरे लिए नंगी हो जाएंगी

और अगर मेरे पास पैसे ना हो तो मुझे नंगा कर देगी

पुरूष शाम को घर आया पर बात नहीं की 3 दिन बाद उसका बर्थडे था, अच्छे से मनाया

और घर आके बोला कि अब बैंगलोर में नहीं रहूंगा, पुरुष ने ऑफिस से वर्क फ्रॉम होम ले लिया है..

अब पुरूष बोला गांव चल कर मां बाप के साथ रहूंगा,

महिला बोली अरे क्यों वहां इतनी दिक्कत है, लाइट नहीं रहती है

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फिर मैने बोला कि ठीक है मां बाप को यहां बुला लेते हैं

इसपर महिला का जवाब आया कि अरे वो यहां आएंगे तो उनका मन नहीं लगेगा बड़ी बड़ी बंद बिल्डिंग में गांव के खुले मौसम में रहने वाले कहा रह पाएंगे.

पुरुष बोला बस इसी लिए उनके पास जाना है क्यों कि वो मुझसे बिना किसी शर्त के प्यार करते हैं

मेरे पैसे पर तुमसे पहले उनका अधिकार है..

ऐसा बोल के पुरुष ने सामान पैक किया और बोला चलना है तो चलो यहां रहना है तो यहां रहो..

महिला ने चलने को मना कर दिया, पुरुष भी उसे वहीं छोड़ के घर आगया..

घर आकर पापा और मां को बात बताई तो उन्होंने पुरूष को ही गलत समझा..

पर पुरुष सच्चाई जनता था, उसे बुलाया पर वो नहीं आई

कुछ दिन पुरुष पैसे भेजता था, लेकिन ४ महीने बाद जब उसने एक बार ये भी बोला कि उसे भी साथ आके रहना है

तो पुरुष ने भी पैसे। देने बंद कर दिए..

जैसे ही पैसे बंद हुए उसका महिला का चेहरा सामने आया

उसने पुरुष पर ही केस किया कि शादी के बाद भी पत्नी को शारीरिक सुख देने में समर्थ नहीं है

इस लिए उसे तलाक चाहिए और बदले में हर महीने एक फिक्स धनराशि

कोर्ट में जब पुरुष ने अपनी बात रखी कि ये मुझसे नहीं सिर्फ मेरे पैसे से प्यार करती थी..

और ये मेरे मां बाप के साथ नहीं रहना चाहती थी,

तो पता चला ऐसा तो कोई कानून नहीं है जिसमें महिला को मां बाप की सेवा करना जरूरी हो..

पुरुष केस हार गया और आज भी हर महीने ४०००० महिला को देता है और अपने मां बाप के साथ गांव में रहता है

एक बात पता चली बहुत खुश मुनासिब होते हैं वो लोग जिनको प्रेम करने वाली पत्नी मिलती हैं

क्यों की आज के समय में सिर्फ 2 लोग ही हैं जो बिना किसी स्वार्थ के आपसे प्रेम करते हैं

और बदले में किसी चीज की उम्मीद नहीं रखते

वो हैं माता पिता

एक बार गांव की कम सुंदर दिखने वाली लड़की से व्याह कर लेना पर शहर की सुंदर लड़कियों से करने से पहले १० बार सोचना..

01/03/2026
19/02/2026

बंद दुकान में कहीं से घूमता फिरता एक सांप घुस गया। दुकान में रखी एक आरी से टकराकर सांप मामूली सा जख्मी हो गया। घबराहट में सांप ने पलट कर आरी पर पूरी ताक़त से डंक मार दिया जिस कारण उसके मुंह से खून बहना शुरू हो गया।

अब की बार सांप ने अपने व्यवहार के अनुसार आरी से लिपट कर उसे जकड़ कर और दम घोंट कर मारने की पूरी कोशिश कर डाली। अब सांप अपने गुस्से की वजह से बुरी तरह घायल हो गया।

दूसरे दिन जब दुकानदार ने दुकान खोली तो सांप को आरी से लिपटा मरा हुआ पाया जो किसी और कारण से नहीं केवल अपनी तैश और गुस्से की भेंट चढ़ गया था।

कभी कभी गुस्से में हम दूसरों को हानि पहुंचाने की कोशिश करते हैं मगर समय बीतने के बाद हमें पता चलता है कि हमने अपने आप का ज्यादा नुकसान किया है।

अब इस कहानी का सार ये है कि अच्छी जिंदगी के लिए कभी कभी हमें, कुछ चीजों को, कुछ लोगों को, कुछ घटनाओं को, कुछ कामों को और कुछ बातों को इग्नोर करना चाहिए। अपने आपको मानसिक मजबूती के साथ इग्नोर करने का आदी बनाइये। जरूरी नहीं कि हम हर एक्शन का एक रिएक्शन दिखाएं। हमारे कुछ रिएक्शन हमें केवल नुकसान ही नहीं पहुंचाएंगे बल्कि हो सकता है कि हमारी जान ही ले लें। सबसे बड़ी शक्ति सहन शक्ति है।
QORA CAPI

18/02/2026

महाभारत का सार सिर्फ़ नौ लाइनों में समझें, जिसमें पाँच लाख श्लोक हैं....*

आप किसी भी धर्म के हों,

चाहे आप औरत हों या मर्द,

चाहे आप गरीब हों या अमीर,

चाहे आप अपने देश में हों या विदेश में,

संक्षेप में...

*अगर आप इंसान हैं, तो महाभारत के ये 9 अनमोल मोती ज़रूर पढ़ें और समझें....*

1. अगर आप समय रहते अपने बच्चों की बेवजह की मांगों और इच्छाओं पर कंट्रोल नहीं करेंगे, तो आप ज़िंदगी में लाचार हो जाएँगे... *'कौरव'*

2. आप कितने भी ताकतवर क्यों न हों, अगर आप अधर्म का साथ देंगे, तो आपकी ताकत, हथियार, हुनर और आशीर्वाद सब बेकार हो जाएँगे... *'कर्ण'*

3. *अपने बच्चों को इतना बड़ा न बनाएँ कि वे अपने ज्ञान का गलत इस्तेमाल करके पूरी तबाही मचा दें...*

*'अश्वत्थामा'*

4. कभी ऐसे वादे न करें कि आपको अधर्मियों के आगे झुकना पड़े... *'भीष्म पितामह'*

5. *अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल *धन, शक्ति, अधिकार और गलत लोगों का साथ आखिर में पूरी बर्बादी की ओर ले जाता है...*

*'दुर्योधन'*

6. *कभी भी सत्ता की बागडोर किसी अंधे व्यक्ति को मत दो, यानी जो स्वार्थ, धन, घमंड, ज्ञान, मोह या वासना में अंधा हो, क्योंकि वह बर्बादी की ओर ले जाएगा...*

*'धृतराष्ट्र'*

7. अगर ज्ञान के साथ समझदारी है, तो आप ज़रूर जीतेंगे... *'अर्जुन'*

8. धोखा आपको हर मामले में सफलता नहीं दिलाएगा...

*'शकुनि'*

9. *अगर आप नैतिकता, नेकी और कर्तव्य को सफलतापूर्वक बनाए रखते हैं, तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको नुकसान नहीं पहुंचा सकती।*

*'युधिष्ठिर'*

यह आर्टिकल सभी के लिए फायदेमंद है, इसलिए कृपया इसे बिना किसी बदलाव के शेयर करें।

*सर्वे भवन्तु सुखिनः*

*सर्वे सन्तु निरामयाः*

कामयाबी का ढोल समय से पहले न पीटें; आपके शुभचिंतक दुआ कम और नज़र ज़्यादा लगाते हैं, इसलिए सब पक्का होने का इंतज़ार करें।
10/02/2026

कामयाबी का ढोल समय से पहले न पीटें; आपके शुभचिंतक दुआ कम और नज़र ज़्यादा लगाते हैं,
इसलिए सब पक्का होने का इंतज़ार करें।

09/02/2026

जीभ का रस......

एक बूढ़ा राहगीर थक कर कहीं टिकने का स्थान खोजने लगा। एक महिला ने उसे अपने बाड़े में ठहरने का स्थान बता दिया। बूढ़ा वहीं चैन से सो गया। सुबह उठने पर उसने आगे चलने से पूर्व सोचा कि यह अच्छी जगह है, यहीं पर खिचड़ी पका ली जाए और फिर उसे खाकर आगे का सफर किया जाए।

बूढ़े ने वहीं पड़ी सूखी लकड़ियां इकठ्ठा कीं और ईंटों का चूल्हा बनाकर खिचड़ी पकाने लगा। बटलोई उसने उसी महिला से मांग ली।

बूढ़े राहगीर ने महिला का ध्यान बंटाते हुए कहा, 'एक बात कहूं.? बाड़े का दरवाजा कम चौड़ा है। अगर सामने वाली मोटी भैंस मर जाए तो फिर उसे उठाकर बाहर कैसे ले जाया जाएगा.?' महिला को इस व्यर्थ की कड़वी बात का बुरा तो लगा, पर वह यह सोचकर चुप रह गई कि बुजुर्ग है और फिर कुछ देर बाद जाने ही वाला है, इसके मुंह क्यों लगा जाए।

उधर चूल्हे पर चढ़ी खिचड़ी आधी ही पक पाई थी कि वह महिला किसी काम से बाड़े से होकर गुजरी। इस बार बूढ़ा फिर उससे बोला: 'तुम्हारे हाथों का चूड़ा बहुत कीमती लगता है। यदि तुम विधवा हो गईं तो इसे तोड़ना पड़ेगा। ऐसे तो बहुत नुकसान हो जाएगा.?

इस बार महिला से सहा न गया। वह भागती हुई आई और उसने बुड्ढे के गमछे में अधपकी खिचड़ी उलट दी। चूल्हे की आग पर पानी डाल दिया। अपनी बटलोई छीन ली और बुड्ढे को धक्के देकर निकाल दिया।

तब बुड्ढे को अपनी भूल का एहसास हुआ। उसने माफी मांगी और आगे बढ़ गया। उसके गमछे से अधपकी खिचड़ी का पानी टपकता रहा और सारे कपड़े उससे खराब होते रहे। रास्ते में लोगों ने पूछा, 'यह सब क्या है.?' बूढ़े ने कहा, 'यह मेरी जीभ का रस टपका है, जिसने पहले तिरस्कार कराया और अब हंसी उड़वा रहा है।

शिक्षा:-

तात्पर्य यह है के पहले तोलें फिर बोलें। चाहे कम बोलें मगर जितना भी बोलें, मधुर बोलें और सोच समझ कर बोले।

हर हर महादेव🔱🚩

जय श्री राम 🙏🚩

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