27/04/2026
*Q -* बाबा जी, आज मैं बहुत खुश हूँ।। आपने मेरी पर्ची निकाल दी।।
*Ans -* साथ में कहती है खुश हूँ, साथ में रोए जा रही है।।
*Girl -* बाबा जी, आपको देख कर रोना आ जाता है।।
*Baba ji -* क्यों, मेरी शक्ल इतनी बुरी है।। हुज़ूर को देख कर क्या आता है।।
*Ans -* नहीं बाबा जी, आप बहुत सुंदर हो।। हँसना।।
*Girl -* बाबा जी, सारी संगत के ऊपर और मेरे परिवार के ऊपर दया मेहर बनाए रखना।।
*Baba ji -* बेटा, मैं जो करूँगा उससे तुझे रोना आएगा।। अब जो करेंगे हुज़ूर करेंगे।।
*Girl -* नहीं बाबा जी, आपने भी करना है, आप तो मेरे बापू हो।।
*Ans -* अगर मैं बापू हूँ तो हुज़ूर क्या हैं, भाई।।
*Girl -* नहीं बाबा जी, उनको पहले मैं चाचू कहती थी, अब मैं भाई कहती हूँ।।
*Baba ji -* मैं तो तेरे बच्चों जैसा हूँ, मुझे इतना बूढ़ा ना बना।।
*Girl -* बाबा जी, आप जलालाबाद सेंटर आ जाते हो, हमारे सेंटर नहीं आते।।
*Baba ji -* अब बाबे क्लोन कर लिए हैं, एक आया करेगा।।
*Girl -* नहीं बाबा जी, दोनों आना।।
*Baba ji -* नहीं, दोनों नहीं आ सकते, लड़ाई हो जाएगी। एक म्यान में दो तलवारें नहीं आ सकतीं। तुम्हें भी दुविधा हो जाएगी कि हुज़ूर की तरफ देखें या बाबे की तरफ।
*Girl -* बाबा जी, माँ की बहुत याद आती है।।
*Ans -* बेटा, कोई भी रिश्ता ऐसा नहीं है जो सदा के लिए रह सके।। हम तो हुक्म में रहें।।
*Girl -* बाबा जी, मैं जो भी बनी थी अपनी माँ की वजह से बनी थी, और अब जो कुछ भी मैंने पाया, मैं किसे दिखाऊँ, मेरे पास कोई नहीं है।।
*Baba ji -* बेटा, मावा ठंडीया छाँवा होती हैं।। पर माँ भी यही चाहती थी कि मेरी बेटी हमेशा खुश रहे।। तुम फिक्र करोगी, तो तुम्हारी सेहत खराब होगी।।
*Girl -* बाबा जी, आपका शुक्रिया। माँ के जाने के बाद आपने मुझे एक बेटी दी।। मुझे उसमें मेरी माँ दिखती है।।
*Baba ji -* बेटा, औरत का तो किसी भी स्वरूप में होना मान्य है।।
*Girl -* बाबा जी, मैं अपनी चिंताएँ यहीं छोड़ जाऊँ।।
*Baba ji -* तुझे कहा किसने है अपना बोझ साथ लेकर चलने को।
*Girl -* बाबा जी, आज के ज़माने को देख कर शादी से बहुत डर लगता है, जिस तरह जो कुछ भी अपने आस-पास हो रहा है।।
*Ans -* बेटा, सारा कुछ मर्द के हाथ में होता है। शुरू से औरत को अपने हाथ में रखोगे तो।। सारा कुछ सही होगा।।
आजकल लड़के गुलामी करते हैं।। बाद में पछताना पड़ता है।। हम बैलेंस रखें|