16/12/2025
अब चूहौ की ‘बिल’ जबलपुर तक — ICU में चूहों का जमावड़ा, सरकार बेख़बर
जबलपुर के विक्टोरियल ज़िला अस्पताल के ICU वार्ड में जो नज़ारा सामने आया, वह इलाज से ज़्यादा इंतज़ाम की लाश दिखाता है। हड्डी विभाग के ICU में चूहों का जमावड़ा देखा गया — और यह कोई अफ़वाह नहीं, बल्कि भर्ती मरीज़ों के परिजनों द्वारा बनाया गया वीडियो है, जो अब सोशल मीडिया पर घूम रहा है।
विडंबना देखिए — चूहे मरीज़ों से हालचाल पूछते नज़र आ रहे हैं, उनके बिस्तरों के आसपास चहलक़दमी कर रहे हैं, मानो कह रहे हों:
“डॉक्टर नहीं आए तो क्या हुआ, हम तो आ गए!”
मरीज़ और परिजन मजबूरन मुस्कुरा रहे हैं — शायद इसलिए कि जब इंसान ग़ायब हो जाए, तो जानवरों की मौजूदगी भी राहत लगने लगती है।
ICU में जूते उतारकर जाना, अस्पताल के कपड़े पहनना, हाथ सैनिटाइज़ करना — ये सारी पाबंदियाँ संक्रमण रोकने के लिए होती हैं। लेकिन बेचारे चूहे शायद नहा–धोकर, एंटीबैक्टीरियल लगाकर, पूरी मेडिकल एप्रूवल के साथ ICU में दाख़िल हो रहे हैं!
ज़ाहिर है, विपक्ष को मौका मिल गया। कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने सरकार को आड़े हाथों लिया और सवालों की झड़ी लगा दी। लेकिन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री शुक्ल जी?
वह तो अपने क्षेत्र रीवा में सौग़ातें बाँटने में व्यस्त हैं।
शुक्ल जी, आप सिर्फ़ रीवा के नहीं — पूरे मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री हैं।
याद दिला दें —
- इंदौर के MY अस्पताल में चूहों ने नवजात शिशुओं को कुतर दिया
- भोपाल के हमीदिया अस्पताल में नवजात जल गए
- छिंदवाड़ा में ज़हरीले कफ़ सिरप से मासूम बच्चों की मौत हो गई
और अब जबलपुर के ICU में चूहे राज कर रहे हैं।
मोहन सरकार कर्ज़ लेकर सरकार चला रही है —
कर्ज़ पर विज्ञापन, कर्ज़ पर पोस्टर, कर्ज़ पर पंपलेट।
अरे भाई, कुछ पैसा स्वास्थ्य विभाग पर भी खर्च कर लीजिए।
पंपलेट बाज़ी से प्रदेश नहीं चलता,
रीवड़ियाँ बाँटने से ICU साफ़ नहीं होते,
और भाषणों से चूहे बाहर नहीं निकलते।
स्वास्थ्य मंत्री जी,
अपनी विधानसभा से बाहर भी नज़र डालिए।
नवजात शिशुओं की साँसें
और ICU में पड़े मरीज़ों की ज़िंदगियाँ
आपके ध्यान की मोहताज हैं।
सरकार से भीख नहीं, ज़िम्मेदारी माँगी जा रही है।
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*मोहम्मद नसीम भोपाल मेट्रोRH24 न्यूज,APCR,*