23/05/2026
जब मन संसार की तपन से शांत होकर भगवान के चिंतन में स्थिर हो जाता है, तब आत्मा का असली स्वरूप प्रकट होने लगता है।
श्री प्रेमानंद जी महाराज के दिव्य वचनों से जानिए — मन की चंचलता कैसे मिटे और भीतर भगवान का अनुभव कैसे हो।
यह वीडियो आपके जीवन की सोच बदल सकती है…
पूरा वीडियो अंत तक जरूर देखें। 🙏