13/11/2022
"ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले, ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है", अल्लामा इकबाल के इस शेर को सही मायने में सटीक साबित किया है महाराष्ट्र के रहने वाले वरूण बरनवाल ने। जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में कभी हार नहीं मानी और उनका डटकर सामना कर के IAS ऑफिसर बन गये। वरूण के लिए ये राह इतनी आसान नहीं थी, एक समय ऐसा भी था कि वरुण अपने परिवार का पेट पालने के लिए साइकिल के पंचर लगाने का काम करते थे। कम उम्र में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया। लेकिन उन्होंने घबराने की बजाय अपनी परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने पैसों की कमी और बिना किसी सुविधा के अपनी पढ़ाई जारी रखी और 2013 में हुई यूपीएससी की परीक्षा में 32वां स्थान हासिल कर सफलता की नई कहानी लिख दी। पंचर की दूकान से उठकर IAS ऑफिसर बने वरुण बरनवाल के जीवन के प्रेरक सफर के बारे में पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें - https://hindi.badabusiness.com/motivational/success-story-of-varun-baranwal-11690.html