22/11/2025
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का लक्ष्य व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े सामाजिक स्थिति पदानुक्रम को दूर करना है और चरणबद्ध तरीके से सभी शैक्षणिक संस्थानों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रमों को मुख्यधारा की शिक्षा में एकीकृत करने की आवश्यकता है। मध्य और माध्यमिक विद्यालय में शुरुआती उम्र के बच्चों में व्यावसायिक कौशलों के प्रदर्शन से शुरुआत करके, गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा को उच्च शिक्षा में सुचारू रूप से एकीकृत किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक बच्चा कम से कम एक व्यवसाय सीखे और कई अन्य व्यवसायों से परिचित हो। इससे कौशल निर्माण, श्रम की गरिमा और भारतीय कला और कारीगरी से जुड़े विभिन्न व्यवसायों के महत्व पर जोर दिया जाएगा (अनुच्छेद 16.4, एनईपी 2020)। एनसीएफएसई 2020-21 तैयार करते समय एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 6 से 8 के लिए अभ्यास-आधारित पाठ्यक्रम उचित रूप से डिजाइन किया जाएगा। यह कार्यक्रम मिश्रित मोड, ऑफ़लाइन या ऑनलाइन मोड में बनाया जा सकता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कम से कम 50 प्रतिशत शिक्षार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने का प्रस्ताव है। नीति में कहा गया है कि छात्रों को कक्षा 6 से ही व्यावसायिक विषयों से अवगत कराया जाएगा। इसी तरह, कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को 10 बैगलेस दिवसों की गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न व्यवसायों का ज्ञान, कौशल अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
10 बैगलेस दिवस के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश
अतिरिक्त 10 बैगलेस डे के पीछे अतर्निहित विचार उन्हें कक्षा VI से VIII तक शिक्षा की पढ़ाई की मौजूदा योजना के बजाय शिक्षण-सीखने की प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग बनाना है। यह न केवल किताबी ज्ञान और ज्ञान के अनुप्रयोग के बीच की सीमाओं को कम करेगा, बल्कि बच्चों को कार्य क्षेत्रों में कौशल आवश्यकताओं से भी परिचित कराएगा, जिससे उन्हें भविष्य में करियर की राह तय करने में मदद मिलेगी। ये बहु-कौशल गतिविधियाँ, अन्य बातों के साथ-साथ सौंदर्य मूल्यों, सहयोग, टीम वर्क, कच्चे माल का विवेकपूर्ण उपयोग, रचनात्मकता, गुणवत्ता, चेतना आदि जैसे सॉफ्ट कौशल के विकास को भी बढ़ावा देंगी।
छात्र कक्षा 6-8 के दौरान एक मनोरंजक पाठ्यक्रम का आनंद लेंगे, जो बढ़ईगीरी, बिजली का काम, धातु का काम, बागवानी, मिट्टी के बर्तन बनाने आदि जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक शिल्पों के नमूने जो राज्यों और स्थानीय समुदायों द्वारा तय किया गया और स्थानीय कौशल आवश्यकताओं के अनुसार मैप किया गया है का सर्वेक्षण और व्यावहारिक अनुभव देता है।
सभी छात्र कक्षा 6-8 के दौरान 10-दिवसीय बैगलेस अवधि में भाग लेंगे जहां वे स्थानीय व्यावसायिक विशेषज्ञों जैसे बढ़ई, माली, कुम्हार आदि के साथ प्रशिक्षण लेंगे।
कला, क्विज़, खेल और व्यावसायिक शिल्प से जुड़ी विभिन्न प्रकार की संवर्धन गतिविधियों के लिए पूरे वर्ष बैगलेस दिनों को प्रोत्साहित किया जाएगा। बच्चों को समय-समय पर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व के स्थानों। स्मारकों के दौरे, स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों से मिलने और राज्यों द्वारा तय किए गए उनके गांव/तहसील जिला/राज्य में उच्च शिक्षण संस्थानों के दौरे के माध्यम से स्कूल के बाहर की गतिविधियों से अवगत कराया जाएगा।
यह कौशल-आधारित गतिविधियों को विज्ञान, भाषा, सामाजिक विज्ञान, गणित आदि जैसे सामान्य शैक्षणिक विषयों से जोड़ने में भी मदद करता है। यह बच्चों को विभिन्न उत्पादक कार्यों के लिए बुनियादी कौशल आवश्यकताओं का पता लगाने के अवसर प्रदान करने में उपयोगी होगा। बच्चों को विभिन्न अवधारणाओं और वैज्ञानिक सिद्धांतों और बुनियादी कौशल को सीखने के लिए विभिन्न शैक्षणिक विषयों के साथ काम को एकीकृत करने में सक्षम होना चाहिए जो कार्यान्मुख विश्व में व्यवसायों और कैरियर के अवसरों से संबंधित हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में शामिल विभिन्न कार्यों के बारे में बच्चों का उन्मुखीकरण उन्हें सही करियर विकल्प चुनने में मदद करेगा। उन छात्रों के लिए जो आठवीं कक्षा से आगे बढ़ना चाहते हैं, कौशल-आधारित गतिविधियाँ उन्हें उस कैरियर पथ की कल्पना करने में सक्षम करेंगी जिस पर वे चलना पसंद कर सकते हैं।