17/05/2026
बलात्कार हो रहे हैं पेपर बिक रहे हैं और भ्रष्टाचारी गरीब का हक खा रहा है। ना बेटीया सुरक्षित है ना मेहनत करने वाले बच्चों का भविष्य।
सच तो यह है इस देश में अपराध करने वालों से ज्यादा उन्हें बचाने वाला सिस्टम मजबूत हो गया है जनता न्याय मांगते मांगते थक चुकी है। और सरकारे हर बार नया मुद्दा लाकर पुराने सवाल दबाने में माहिर हो गई है फिर भी हम इस टूटे सिस्टम से इंसाफ की उम्मीद रखते हैं।
जागो देशवासियों इस देश को दुबारा से एक क्रांति की जरूरत है।
12 साल से कितने ही पेपर लीक हुए हैं इन सब का जिम्मेदार कौन?
पूछता है भारत ।
बीता कल हमारे पास नहीं है लेकिन जीतने के लिए आने वाला कल हमारे पास है।
जय हिंद सत्यमेव जयते