15/01/2026
हे दीनदयाल
तिल भर भी यह चित् आपके चरणों से विमुख ना हो
हे रघुनाथ जी
तिल भर भी आपके स्वरूप की विस्मृति न हो
तिल भर भी भाव सेवा न छुटे
तिल भर भी मन दान से न हटे
हे सीतापति
तिल भर भी आपका मनोहर स्वरूप नेत्रों से विमुख न हो
हमारी तिल जैसी सेवा से भी अकारण प्रसन्न हो जाने वाले हमारे परम अराध्य रघुकुल शिरोमणि हम पर सदैव अपनी कृपा बनाए रखना!
तिल के त्यौहार मकर संक्रांति की आप सभी सनातनी और वैष्णव जन को बहुत बहुत बधाई हो
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