08/08/2025
*आप पूरे देश में कहीं भी चले जाइये.....आज हर आदमी के मन में चुनावों की निष्पक्षता और रिजल्ट को लेकर शंका दिखेगी।*
👉क्योंकि जनता जिसे वोट करती है, वो जीतता ही नहीं। हमारे-आपके के न चाहते हुए भी हर बार BJP जीत जाती है। नफरत, महंगाई, भ्रष्टाचार और अपराध से बुरी तरह आजिज आ चुकी जनता BJP को हराना चाहती है, मगर रिजल्ट में BJP बाजी मार ले जाती है।
◼️पता है क्यों ??
👉क्योंकि BJP इलेक्शन कमीशन की मिलीभगत से पूरा इलेक्शन ही चोरी कर लेती है।
राहुल गांधी ने कई बार इलेक्शन कमीशन से मिलकर इसकी शिकायत की, मगर कभी भी इसका सही उत्तर नहीं मिला।
👉BJP ने यही खेल 2024 के लोकसभा चुनाव और मध्यप्रदेश, हरियाणा,महाराष्ट्र के चुनावों में किया। तभी तो जबर्दस्त Anti incumbency के बावजूद इन चुनावों में BJP की जीत हुई।
👉इलेक्शन चोरी का ये शक तब और पुख्ता हो गया जब इलेक्शन कमीशन ने राहुल गांधी को CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट देने से मना कर दिया। यहां तक कि नियम बदलकर सीसीटीवी फुटेज तक को डिलीट कर दिया। ताकि चुनावी गड़बड़ी के सारे सबूत नष्ट हो जाए।
👉राहुल गांधी जी ने इलेक्शन कमीशन द्वार दिए गए डेटा का उपयोग कर बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट के महादेवापुरा विधानसभा क्षेत्र की जांच की तो पता चला कि यहां 1,00,250 वोट चोरी किये गए। और रिजल्ट ये हुआ कि कांग्रेस 32 हज़ार वोटों से चुनाव हार गई।
👉 चुनाव चोरी कैसे हुआ❓इसे ऐसे समझिए👇🏿👇🏿
इस चुनाव को जीतने के लिए BJP ने पांच प्रकार के फर्जी मतदाता बनाए-
1. डुप्लिकेट वोटर (11,965 मामले)
एक ही वोटर का नाम वोटर लिस्ट में कई बार मिला।
उदाहरण: गुरकीरत सिंह डांग का नाम 4 अलग-अलग बूथों में 4 बार मिला।
2. फर्जी ऐड्रेस
40,009 वोटरों ने ऐसा एड्रेस डाला था, जो असलियत में धरती पर है ही नहीं।
यही नहीं इन वोटरों ने पिता और परिवार के नाम पर XYZ या कुछ भी लिख दिया था।
3. एक ही पते पर थोक मतदाता (10,452 मामले)
एक कमरे का मकान 80-90 वोटर्स का पता
4. अमान्य फोटो (4,132 मामले)
* अस्पष्ट वोटर आईडी फोटो
* इन वोटर आईडी कार्डों से कोई भी वोट डाल सकता है क्योंकि फोटो किसकी है ये समझ में ही नहीं आता।
5. फॉर्म 6 का दुरुपयोग (33,692 मामले)
* जो फॉर्म 6 पहली बार वोट देने वालों के लिए डिजाइन किया गया है, उसका उपयोग करके 90+ वर्ष के कई बुजुर्गों ने भी कई बार वोट डाले।
* इनमें से किसी भी व्यक्ति का इलेक्शन कमीशन द्वारा वेरीफिकेशन का कोई सबूत नहीं मिला।
* उदाहरण: श्रीमती शकुन रानी उम्र 70 वर्ष, पहली बार के वोटर के रूप में दो महीनों में दो बार फॉर्म 6 भरा, और दो बार वोट भी डाला!
👉👉रिजल्ट
बेंगलुरु सेंट्रल के अन्य सात विधानसभाओं में BJP कांग्रेस से पीछे थी। महादेवपुरा में 1,00,250 फर्जी मतदाताओं की वजह से BJP यह लोकसभा सीट जीत गई।
🔹2024 में हरियाणा राज्य चुनावों में, कांग्रेस BJP से 8 सीटों से हार गई। सबसे कम अंतर वाली 8 सीटों में केवल 22,779 वोटों का अंतर था, जबकि कुल वोटर्स 2 करोड़ से अधिक थे। यानी जीत- हार के लिए सिर्फ कुछ हजार वोटों का अंतर चाहिए।
🔹इसी तरह, 2024 के लोकसभा चुनावों में, BJP ने 25 सीटें 32,000 से कम वोटों के अंतर से जीतीं. ये 25 सीटें ही हैं जिनके कारण नरेंद्र मोदी आज प्रधानमंत्री बन पाए हैं।
🔹यदि इलेक्शन कमीशन (ECI) डिजिटल वोटर लिस्ट जारी कर दे तो ये क्लीयर हो जाएगा कि 70-100 लोकसभा सीटों पर इसी तरह की धोखाधड़ी हुई है।
👉लेकिन इलेक्शन कमीशन कभी जारी ही नहीं करेगा....क्योंकि उसे पता है कि अगर ऐसा होगा तो जनता सरकार को उखाड़ फेंकेगी।
👉अब SIR के जरिए BJP बिहार में नए तरीके से वोट चोरी कर रही है। वो टार्गेट करके अपने परंपरागत विरोधियों का वोट धड़ल्ले से कटवा रही है। ताकि बिहार का चुनाव भी चुरा सके।
👉अब ये हमको और आपको भी सोचना पड़ेगा कि अगर ऐसे ही होता रहा तो हमारे-आपके वोट का कोई मतलब नहीं बचा है......इसका मतलब इस देश में अब सिर्फ कहने को लोकतंत्र बचा है।
*अगर हम और आप अभी भी इस खतरे को नहीं समझे तो देर हो जाएगी......फिर न देश बचेगा, न ही हमारा-आपका भविष्य।*
*जनहित में जारी.................* @
Vinesh Verma