Kapil Kasana

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दोनों बेटे देवराज गुर्जर और युवराज गुर्जर के साथ फुरसत के पल !हर- हर महादेव 🙏🏻
09/09/2023

दोनों बेटे देवराज गुर्जर और युवराज गुर्जर के साथ फुरसत के पल !
हर- हर महादेव 🙏🏻

इटली में लोगों ने अपनी दौलत सड़कों पर फेंक दी।उनका कहना है कि ये किसी काम की नहीं,देख लो भाईयो अब भी समझ जाओ 🙏🙏
31/03/2020

इटली में लोगों ने अपनी दौलत सड़कों पर फेंक दी।
उनका कहना है कि ये किसी काम की नहीं,देख लो भाईयो अब भी समझ जाओ 🙏🙏

31/10/2018

जिसको भी यह वीडियो अच्छी लगे तो शेयर जरूर करें.......I love u Maa❤❤....miss u Maa😭😭

संस्कार:एक घर मे तीन भाई और एक बहन थी...बड़ा और छोटा पढ़ने मे बहुत तेज थे। उनके माँ बाप उन चारो से बेहद प्यार करते थे मग...
26/10/2018

संस्कार:
एक घर मे तीन भाई और एक बहन थी...बड़ा और छोटा पढ़ने मे बहुत तेज थे। उनके माँ बाप उन चारो से बेहद प्यार करते थे मगर मंझले बेटे से थोड़ा परेशान से थे।
बड़ा बेटा पढ़ लिखकर डाक्टर बन गया।
छोटा भी पढ लिखकर इंजीनियर बन गया। मगर मंझला बिलकुल अवारा और गंवार बनके ही रह गया। सबकी शादी हो गई । बहन और मंझले को छोड़ दोनों भाईयो ने Love मैरेज की थी।
बहन की शादी भी अच्छे घराने मे हुई थी।
आख़िर भाई सब डाक्टर इंजीनियर जो थे।
अब मंझले को कोई लड़की नहीं मिल रही थी। बाप भी परेशान मां भी।
बहन जब भी मायके आती सबसे पहले छोटे भाई और बड़े भैया से मिलती। मगर मझले से कम ही मिलती थी। क्योंकि वह न तो कुछ दे सकता था और न ही वह जल्दी घर पे मिलता था।
वैसे वह दिहाडी मजदूरी करता था। पढ़ नहीं सका तो...नौकरी कौन देता। मझले की शादी कीये बिना बाप गुजर गये ।
माँ ने सोचा कहीं अब बँटवारे की बात न निकले इसलिए अपने ही गाँव से एक सीधी साधी लड़की से मझले की शादी करवा दी।
शादी होते ही न जाने क्या हुआ की मझला बड़े लगन से काम करने लगा ।
दोस्तों ने कहा... ए चन्दू आज अड्डे पे आना।
चंदू - आज नहीं फिर कभी
दोस्त - अरे तू शादी के बाद तो जैसे बीबी का गुलाम ही हो गया?
चंदू - अरे ऐसी बात नहीं । कल मैं अकेला एक पेट था तो अपने रोटी के हिस्से कमा लेता था। अब दो पेट है आज ।
कल और होगा।
घरवाले नालायक कहते हैं मेरे लिए चलता है।
मगर मेरी पत्नी मुझे कभी नालायक कहे तो मेरी मर्दानगी पर एक भद्दा गाली है। क्योंकि एक पत्नी के लिए उसका पति उसका घमंड इज्जत और उम्मीद होता है। उसके घरवालो ने भी तो मुझपर भरोसा करके ही तो अपनी बेटी दी होगी...फिर उनका भरोसा कैसे तोड़ सकता हूँ । कालेज मे नौकरी की डिग्री मिलती है और ऐसे संस्कार मा बाप से मिलते हैं ।
इधर घरपे बड़ा और छोटा भाई और उनकी पत्नियां मिलकर आपस मे फैसला करते हैं की...जायदाद का बंटवारा हो जाये क्योंकि हम दोनों लाखों कमाते है मगर मझला ना के बराबर कमाता है। ऐसा नहीं होगा।
मां के लाख मना करने पर भी...बंटवारा की तारीख तय होती है। बहन भी आ जाती है मगर चंदू है की काम पे निकलने के बाहर आता है। उसके दोनों भाई उसको पकड़कर भीतर लाकर बोलते हैं की आज तो रूक जा? बंटवारा कर ही लेते हैं । वकील कहता है ऐसा नहीं होता। साईन करना पड़ता है।
चंदू - तुम लोग बंटवारा करो मेरे हिस्से मे जो देना है दे देना। मैं शाम को आकर अपना बड़ा सा अगूंठा चिपका दूंगा पेपर पर।
बहन- अरे बेवकूफ ...तू गंवार का गंवार ही रहेगा। तेरी किस्मत अच्छी है की तू इतनी अच्छे भाई और भैया मिलें
मां- अरे चंदू आज रूक जा।
बंटवारे में कुल दस विघा जमीन मे दोनों भाई 5- 5 रख लेते हैं ।
और चंदू को पुस्तैनी घर छोड़ देते है
तभी चंदू जोर से चिल्लाता है।
अरे???? फिर हमारी छुटकी का हिस्सा कौन सा है?
दोनों भाई हंसकर बोलते हैं
अरे मूरख...बंटवारा भाईयो मे होता है और बहनों के हिस्से मे सिर्फ उसका मायका ही है।
चंदू - ओह... शायद पढ़ा लिखा न होना भी मूर्खता ही है।
ठीक है आप दोनों ऐसा करो।
मेरे हिस्से की वसीएत मेरी बहन छुटकी के नाम कर दो।
दोनों भाई चकितहोकर बोलते हैं ।
और तू?
चंदू मां की और देखके मुस्कुराके बोलता है
मेरे हिस्से में माँ है न......
फिर अपनी बिबी की ओर देखकर बोलता है..मुस्कुराके...क्यों चंदूनी जी...क्या मैंने गलत कहा?
चंदूनी अपनी सास से लिपटकर कहती है। इससे बड़ी वसीएत क्या होगी मेरे लिए की मुझे मां जैसी सासु मिली और बाप जैसा ख्याल रखना वाला पति।
बस येही शब्द थे जो बँटवारे को सन्नाटा मे बदल दिया ।
बहन दौड़कर अपने गंवार भैया से गले लगकर रोते हुए कहती है की..मांफ कर दो भैया मुझे क्योंकि मैं समझ न सकी आपको।
चंदू - इस घर मे तेरा भी उतना ही अधिकार है जीतना हम सभी का।
बहुओं को जलाने की हिम्मत किसी मे नहीं होती मगर फिर भी जलाई जाती है क्योंकि शादी के बाद हर भाई हर बाप उसे पराया समझने लगते हैं । मगर मेरे लिए तुम सब बहुत अजीज हो चाहे पास रहो या दुर।
माँ का चुनाव इसलिए कीया ताकी तुम सब हमेशा मुझे याद आओ। क्योंकि ये वही कोख है जंहा हमने साथ साथ 9 - 9 महीने गुजारे। मां के साथ तुम्हारी यादों को भी मैं रख रहा हूँ।
दोनों भाई दौड़कर मझले से गले मिलकर रोते रोते कहते हैं
आज तो तू सचमुच का बाबा लग रहा है। सबकी पलको पे पानी ही पानी। सब एक साथ फिर से रहने लगते है। पोस्ट अच्छी लगे तो और ऐसे ही स्टोरी पढ़ना चाहते है तो
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Mai aur mere Bde Bhai Advocate Pradeep Kasana
08/09/2018

Mai aur mere Bde Bhai Advocate Pradeep Kasana

03/04/2018

Maa se bda koi nhi h............sb yhi reh jaega.........bus Maa ka dil nhi dukhana..................hamesha itna pyaar krna jiski koi limit na ho................I love u Maa...................................................Maa ke liye kya likhu jisne mujhe banaya........................................................

12/03/2018

I love u Maa😭😭

दिलों में मतलब और ज़ुबान से प्यार करते हैं, बहुत से लोग दुनिया में यही कारोबार करते हैं 😏 😏
07/03/2018

दिलों में मतलब और ज़ुबान से प्यार करते हैं, बहुत से लोग दुनिया में यही कारोबार करते हैं 😏 😏

कुछ लोगो ने बोला Kapil Kasana जी आपके Status और Dp 1 no हैंमें बोलa मित्र 2 no के काम हम करते भी नही😀😍
06/03/2018

कुछ लोगो ने बोला Kapil Kasana जी आपके Status और Dp 1 no हैं
में बोलa मित्र 2 no के काम हम करते भी नही😀😍

18/11/2017

Nice Dialogue

Ye Dainik Bhaskar Bhand Media bol rhi h ki Seema Tod gya Jawan......kya Seema Tod gya shi to Kaha h badan dikhakr Batuva...
12/11/2017

Ye Dainik Bhaskar Bhand Media bol rhi h ki Seema Tod gya Jawan......kya Seema Tod gya shi to Kaha h badan dikhakr Batuva bharti h......
Bhaiyo Aap kon kon is baat se sehmt h ya nhi

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