14/06/2026
बालोतरा शहर में सूर्य नमस्कार हेतु बनाई गई प्रतिमा का उद्घाटन भी नहीं हुआ और उससे पहले ही टाइलें टूटकर गुणवत्ता की पोल खोल गईं। जिस निर्माण पर जनता के टैक्स का पैसा खर्च हुआ, उसमें सीमेंट और सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि सरकार और प्रशासन ने जवाब देने के बजाय रातों-रात मरम्मत कर अपनी नाकामी छिपाने का प्रयास किया। अगर निर्माण कार्य सही हुआ होता तो कुछ ही दिनों में ऐसी स्थिति क्यों पैदा होती?
जनता जानना चाहती है कि आखिर किसकी मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्यों को मंजूरी दी जा रही है? सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
यदि मात्र 4 दिन में निर्माण की यह हालत हो सकती है, तो आने वाले 4 वर्षों में इसकी स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। जनता के पैसों की लूट और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के बजाय निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।