28/08/2013
जय श्री कृष्ण
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनायेँ एवं सादर नमन
मान्यवर एवं बन्धु-बान्धवोँ
आज कोई साधारण जन्माष्टमी पर्व नहीँ है वरन् इस प्रकार का योग तो श्री कृष्ण भगवान के जन्म के बाद पहली बार बना है अर्थात् पूरे 5241 वर्षोँ बाद।
आज रात्रि 12 बजकर 12 मिनट का दिन,नक्षत्र,घड़ी,लगन,मुहूर्त्त, योग आदि विशेष सभी उसी समान है जब भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था।
आज चन्द्रमा वृष राशि मेँ उच्च लग्न मेँ स्थित है, सूर्य सिँह राशि मेँ स्थित है, नक्षत्र भी रोहिणी है,भाद्रपद कृष्ण अष्टमी और दिन भी बुधवार है, काल सर्प योग भी है। अर्थात् ऐसे योग भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद पहली बार बने हैँ। इस योग मेँ जन्म लेने वाला बालक निश्चय ही तेजस्वी होगा। तो आइये हम सभी मिलकर आनन्द और हर्षोल्लास के साथ श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व को बनायेँ।
भगवान श्री कृष्ण आपकी मनोकामना को पूर्ण करेँ।
जय श्री कृष्ण
श्री हरिः श्री हरिः श्री हरिः
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारि
हे नाथ नारायण वासुदेवा।
माता श्री लक्ष्मी भगवती परमेश्वरी
हे मात् नारायणी योगमाया॥