09/02/2023
बिहार 45करोड रूपए प्रतिदिन ऋण के बदले में व्याज दे रहा है । अर्थात् लगभग 16200करोड सलाना है। केंद्र प्रायोजित योजनाओं में केंद्र द्वारा उचित अंशदान नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण बचे 2 माह के लिए श्रृण की आवश्यकता होगी। बिहार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद भी हम लोग उधोग धंधे, रोजगार, शिक्षा के बात नहीं करते हैं हम लोग कभी 90-10 की बात करते हैं कुछ लोगों ने तत्कालिक फायदे के लिए एक नई परिपाटी की शुरुआत की है कि हर एक लड़ाई में
जात- पात कर विधि व्यवस्था को खराब करना चाहते हैं। जिस राज्य की विधि व्यवस्था खराब हो गई कोई भी उद्योगपति वहां उद्योग लगाना नहीं चाहेगा। और जब तक उद्योग धंधे नहीं लगेंगे राजस्व की वृद्धि नहीं होगी और
राजस्व बढेगा तभी कोई भी सरकार नौकरी देने में सक्षम है अभी वर्तमान परिवेश में जो आर्थिक हालात ठीक नहीं।
कोई भी राज्य राष्ट्र जहां रोजगार और शिक्षा के स्थिति ठीक नहीं होती है वह राज्य राष्ट्र कभी विकसित नहीं हो सकता। शिक्षा और रोजगार के अभाव में हिंसा की प्रवृत्ति बढ़ती है वह राज्य और राष्ट्र हिंसा से ग्रस्त हो जाती है इसलिए तमाम नौजवान भाइयों से निवेदन है कि व्यक्तिगत स्वार्थ त्याग कर प्रदेश के विकास के लिए समाज को जागरूक, शिक्षित और सद्भावना हेतु जागृत करें।