01/05/2026
🌕 त्रिविध पावनी वैशाख बुद्ध पूर्णिमा (1 मई) 🌼
आज का यह पावन दिन मानव इतिहास के उन महान क्षणों की याद दिलाता है, जब करुणा, ज्ञान और समता का प्रकाश इस धरती पर फैला। वैशाख पूर्णिमा का यह दिवस त्रिविध पावनी इसलिए कहलाता है क्योंकि इसी दिन तथागत गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति (सम्बोधि) और महापरिनिर्वाण—तीनों महत्त्वपूर्ण घटनाएं संपन्न हुईं।
यह दिन हमें सिखाता है कि जीवन का सच्चा मार्ग बाहरी आडंबर में नहीं, बल्कि सम्यक दृष्टि, सम्यक विचार और सम्यक आचरण में निहित है। बुद्ध का धम्म मानवता को प्रेम, दया, अहिंसा और समानता का संदेश देता है।
आज के समय में जब समाज विभाजन और असहिष्णुता की चुनौतियों से जूझ रहा है, तब बुद्ध का यह संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है—
“घृणा से घृणा कभी समाप्त नहीं होती, प्रेम से ही घृणा समाप्त होती है।”
आइए, इस पावन अवसर पर हम संकल्प लें कि—
हम अपने जीवन में करुणा और मैत्री को अपनाएंगे
अन्याय, भेदभाव और अज्ञान के विरुद्ध जागरूक रहेंगे
बुद्ध के दिखाए मार्ग पर चलकर एक समतामूलक समाज का निर्माण करेंगे
आप सभी को त्रिविध पावनी वैशाख बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं।
नमो बुद्धाय