10/08/2026
🎤न्यू नोएडा: जमीन आपकी, फैसला आपका!
न्यू नोएडा यानी दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन — DNGIR को लेकर एक बड़ा सवाल अब किसानों के सामने है।
सरकार और प्राधिकरण की ओर से जमीन अधिग्रहण के लिए ₹4,300 प्रति वर्गमीटर की दर तय की गई है। लेकिन सवाल यह है कि क्या इस रेट पर किसान अपनी जमीन देने के लिए तैयार हैं?
न्यू नोएडा के पहले चरण में 37 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें 24 गांव बुलंदशहर और 13 गांव गौतमबुद्ध नगर जिले के हैं। इन गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड तथा मालिकाना हक की जांच की जा रही है।
अब बात करते हैं मुआवजे की।
प्राधिकरण ने जमीन के लिए ₹4,300 प्रति वर्गमीटर की दर तय की है। यह दर जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में लागू दर के अनुरूप रखी गई है। इसके अलावा किसानों के लिए एक वैकल्पिक पैकेज की भी बात सामने आई है, जिसमें ₹3,800 प्रति वर्गमीटर नकद मुआवजे के साथ 7 प्रतिशत विकसित आवासीय प्लॉट देने का विकल्प शामिल है।
यानी किसानों के सामने सवाल सिर्फ मुआवजे की रकम का नहीं, बल्कि यह भी है कि पूरा पैसा लिया जाए या विकसित प्लॉट वाले विकल्प को चुना जाए।
इसी बीच न्यू नोएडा क्षेत्र में जमीन के रिकॉर्ड की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। राजस्व टीमों द्वारा खसरा नंबर, मालिकाना हक, सह-स्वामित्व और वंशावली से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इसलिए जमीन मालिकों के लिए अपने दस्तावेजों को सही रखना बेहद जरूरी है।
न्यू नोएडा को भविष्य के एक बड़े इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां उद्योग, लॉजिस्टिक्स, आवासीय क्षेत्र, शिक्षा, ग्रीन स्पेस और आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित किया जाना है।
लेकिन इस पूरी परियोजना में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उन किसानों की है, जिनकी जमीन इस विकास क्षेत्र में आ रही है।
और इसलिए आज हमारा सवाल सीधे किसानों से है—
अगर आपकी जमीन न्यू नोएडा परियोजना में आती है, तो क्या आप ₹4,300 प्रति वर्गमीटर की दर पर जमीन देने के पक्ष में हैं?
क्या आपको यह मुआवजा सही लगता है, या सरकार को रेट और बढ़ाना चाहिए?
और अगर आपको दो विकल्प मिलें—
₹4,300 प्रति वर्गमीटर पूरा नकद,
या ₹3,800 प्रति वर्गमीटर + 7 प्रतिशत विकसित आवासीय प्लॉट,
तो आप कौन सा विकल्प चुनेंगे?
अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
खासकर न्यू नोएडा क्षेत्र के किसान भाई अपने गांव का नाम भी कमेंट में लिखें और बताएं कि ₹4,300 का रेट आपके हिसाब से सही है या नहीं।
ध्यान रखें, किसी गांव का न्यू नोएडा के पहले चरण में शामिल होना यह नहीं बताता कि उस गांव की हर जमीन निश्चित रूप से अधिग्रहित होगी। किसी भी जमीन के बारे में अंतिम स्थिति आधिकारिक रिकॉर्ड और अधिग्रहण प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।
तो अब फैसला आपकी राय से—
₹4,300 सही या मुआवजा और बढ़ना चाहिए?
कमेंट में जरूर बताइए।