20/08/2024
21 अगस्त को एससी-एसटी द्वारा भारत बंद किसके हित में व किसके अहित में?
गरीब एससी-एसटी परिवारों को भी आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को क्रिमि लेयर की उप श्रैणी बनाने का दिया था आदेश।
इस आरक्षण पर चंद धनाढ्य परिवारों का एकाधिकार छिनते देख गरीब एससी-एसटी परिवारों के ही खिलाफ भारत बंद का किया ऐलान।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से एससी-एसटी के सम्पन्न परिवार, कांग्रेस, सहित पूरा इंडी गठबंधन,व भाजपा सहित पूरा एनडीए सहित सभी एससी-एसटी के लोकसभा, राज्यसभा के सांसद, विधायक,व बड़े बड़े अधिकारी सभी नाखुश होकर गरीब एससी-एसटी परिवारों को इसका लाभ नहीं मिल सके इस हेतु गरीबों के ही कंधे पर बंदूक रखकर भारत बंद का एलान कर दिया।
ओबीसी व ईडब्ल्यूएस आरक्षण में क्रिमिलेयर की उप श्रेणी होने के कारण आज इस वर्ग मे गरीब परिवारों को ही लाभ मिलता हैं और पैसेवाले धनाढ्य परिवाऱों को इस आरक्षण का लाभ नहीं मिलता हैं। ऐसा ही लाभ गरीब एससी-एसटी परिवारों को मिले इसी सोच को रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गरीबों के हित में फैसला दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गरीब एससी-एसटी परिवारों को ही लाभ होनेवाला था जिससे एससी-एसटी के धनाढ्य परिवारों ने ही आंदोलन के नाम पर भ्रमित करके गरीबों के पैर पर कुल्हाड़ी मारने का काम किया जा रहा हैं।
एससी-एसटी का आरक्षण गरीब को मिलता हैं या पैसेवाले को इसका अन्य किसी भी समाज को ना कोई हानी हैं ओर ना ही कोई लाभ हैं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गरीब का भला ना हो जाए बल्कि धनाढ्य खानदानों का नूकसान नहीं हो जाए इसी बात का आंदोलन हैं, सोचना गरीबों को हैं, धनाढ्यों ने तो सोच-समझकर ही आंदोलन करनें का निर्णय किया ही हैं।
आंदोलन में कूदने से पहले एससी-एसटी के गरीब परिवारों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पढ़ लेना चाहिए कि इस फ़ैसले से अगर गरीब का सीधा-सीधा लाभ हैं तों आंदोलन किसके विरोध मे है और किसके हित में । यह तो आरक्षण से वंचित परिवारों को ही सोचना होगा।
आपका शुभेच्छु
एससी-एसटी आरक्षण से वंचित गरीब एससी-एसटी परिवार