Jaipur Property and Colonizers

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Good morning of all
18/10/2014

Good morning of all

Jai mata di Happy navratra
25/09/2014

Jai mata di

Happy navratra

01/09/2014

शूरवीर क्षत्रियों के 11 महान सत्य अवश्य पढ़ियेगा"
1. जयमाल मेड़तिया ने एक ही झटके में हाथी का सिर
काट डाला था.
2. करौली के जादोन राजा अपने सिंहासन पर बैठते
वक़्त अपने दोनो हाथ जिन्दा शेरो पर रखते थे.
3. जोधपुर के यशवंत सिंह के 12 साल के पुत्र पृथ्वी सिंह
ने हाथो से औरंगजेब के खूंखार भूखे जंगली शेर
का जबड़ा फाड़ डाला था.
4. राणा सांगा के शरीर पर छोटे-बड़े 80 घाव थे,
युद्धों में घायल
होने के कारण उनके एक हाथ नही था एक पैर नही था,
एक आँख नहीं थी उन्होंने अपने जीवन-काल में 100 से
भी अधिक युद्ध लड़े थे.
5. एक राजपूत वीर जुंझार जो मुगलो से लड़ते वक़्त शीश
कटने के बाद भी घंटो लड़ते रहे आज उनका सिर बाड़मेर में
है, जहा छोटा मंदिर हैं और धड़ पाकिस्तान में है.
6. रायमलोत कल्ला का धड़ शीश कटने के बाद लड़ता-
लड़ता घोड़े पर पत्नी रानी के पास पहुच गया था तब
रानी ने गंगाजल के छींटे डाले तब धड़ शांत हुआ उसके
बाद रानी पति कि चिता पर बैठकर
सती हो गयी थी.
7. चित्तोड़ में अकबर से हुए युद्ध में जयमाल राठौड़ पैर
जख्मी होने कि वजह से कल्ला जी के कंधे पर बैठ कर युद्ध
लड़े थे, ये देखकर सभी युद्ध-रत
साथियों को चतुर्भुज भगवान की याद आयी थी, जंग
में दोनों के सर काटने के बाद भी धड़ लड़ते रहे और
राजपूतो की फौज ने दुश्मन को मार गिराया अंत में
अकबर ने उनकी वीरता से प्रभावित हो कर जैमल और
पत्ता जी की मुर्तिया आगरा के किलें में
लगवायी थी.
8. राजस्थान पाली में आउवा के ठाकुर खुशाल सिंह
1877 में अजमेर जा कर अंग्रेज अफसर का सर काट कर ले
आये थे और उसका सर अपने किले के
बाहर लटकाया था तब से आज दिन तक उनकी याद में
मेला लगता है.
9. महाराणा प्रताप के भाले का वजन 80
किलो था और कवच का वजन 80 किलो था और कवच,
भाला, ढाल, और हाथ मे तलवार का वजन मिलाये
तो 207 किलो था
10. सलूम्बर के नवविवाहित रावत रतन सिंह चुण्डावत
जी ने युद्ध जाते समय मोह-वश
अपनी पत्नी हाड़ा रानी की कोई
निशानी मांगी तो रानी ने सोचा ठाकुर युद्ध में मेरे
मोह के कारण नही लड़ेंगे तब रानी ने निशानी के तौर
पैर अपना सर काट के दे दिया था,
अपनी पत्नी का कटा शीश गले में लटका औरंगजेब
की सेना के साथ भयंकर युद्ध किया और वीरता पूर्वक
लड़ते हुए अपनी मातृ भूमि के लिए शहीद हो गये थे.
11. हल्दी घाटी की लड़ाई में मेवाड़ से 20000 सैनिक
थे और अकबर की और से 85000 सैनिक थे फिर भी अकबर
की मुगल सेना पर राजपूत भारी पड़े थे.
घन्य थे वो राजपुत...i
शेयर जरुर करजो सा

01/09/2014

कनौज और राठौड़ :-
राजा कोह्चंद ने 875 की साल मोती सावण
रि बदी पाँचे ने कनौज बसायी !
इनके बाद के शासक .....
- कोह्चंद
- मियाचंद
- सोभागचंद प्रथम
- दीपचंद
- सरेचंद
- सामचंद द्वितीय
- सोभागचंद
- अभेचंद
- इन्द्र बाबूजी
- करणजी
- तुगनाथजी
- भारिधजी
- पुजजी !
पुजजी से राठौड़ो की पुराने समय में साढ़े 12
साखा बताई जाती है !
1. दानेसुरा (मारवाड़)
2. अहरवा (अरवा)
3. बुगालिया
4. कुरा
5. कुपालच्या
6. खरुदा
7. अभपुरा
8. जवत्रराय
9. परेकुश
10. जालखडिया
11. चन्देल (चंदरपाल जी से )
12. बिरपुरा
13. दहिया ( ये आधी साखा मानी जाती है )
- पुजजी
- दानेसुरा
- धनराज
- रत्नाध्वज (कमध्ज)
कमध्ज :-
बिना शीश गजहते रत्ना ध्वज सशेर !
ताते बाजे कमधजपति इत्यादी राठौड़ !
- कमध्ज
- किशनदेव
- मधुदुपीव
- कलवन
- रछजी
- सदतरछ्जी
- अभेचन्द
- बीजचन्द
- जयचन्द
- प्रतापभाण जी
- माणकचन्द जी
- अगरचंद जी ( इन्होने आगरा बसाया )
- पोह्सण जी
- बिडदाई सेणी
सेतराम जी ( 4 थी राणी सोने कँवर से
सिंहजी का जन्म )
सौ कुँवर सेतराम के सतरावा धडके सहास
गुणचासा सिंहा बड़े, सिंहा बड़े पचास !!
मारवाड़ और राठौड़ :-
( * सितारा राजा के नाम के आगे
लगाया गया है )
* राव सिंहजी ( 1212 - 1273)
1. * राव आस्थांजी ( 1223)-( 1273 - 1292) 2.
सोनगजी से सोनगोत राठौड़ ये ईडर चले गये !
3. अजजी से बढ़ेला राठौड़ ये द्वारका चले गये !
4. गजजी !
* राव धूहड़ जी ( 1292 - 1309) ठिकाणा- खेड !
* राव रायसल जी ( 1309 - 1313 ) -
लोकदेवता पाबूजी राठौड़ !
* राव कान्हा जी ( 1313 - 1323 )
* राव जलन्सी(जलसी ) ( 1323 - 1328 ) ये
द्वितीय पुत्र थे !
* राव चाडा ( 1328 - 1344 )
* राव टिडाजी ( 1344 - 1357)
* राव सलखुजी ( 1357 - 1374) ये द्वितीय पुत्र थे !
जगमाल :-
पग-पग भेजा पड़िया, पग-पग पड़ी ढाल !
बीबी पुछे खान सुं, ई जुग किता जगमाल !!
* राव विरमदेव ( 1374 -1383) ये तृतीये पुत्र थे !
प्रथम पुत्र राव मलिनाथ ( 1373 -13 99) -
गोगादे !
मण्डोर :-
* राव चूंडाजी ( 1399 -1423 या 1376 -1422
ई .सन )
ईन्दा रा उपकार कमधज कदे न बिसरै !
चुन्ड़ो चंवरी चाड मण्डोर दिनों दायजे !!
* राव कान्हा जी ( 1424 - 1427)
* राव रिडमल जी ( 1427 -1438) -
अखेराजजी ठिकाणा - बगड़ी !
इन्होने मेवाड़ कुम्भा के हाथो से जाने से बचायी !
आमेर कायमखानीयो से जीती और
कच्छावो को सोंपी !
अजमेर मुस्लिम सुल्तान से जीती !
इन्होने पड़ोसी राजपूत राज्यों की सहायता में
जीवन बिताया नही तो मारवाड़
पता नही कहा तक होता !
जोधपुर :-
* राव जौधाजी ( 1453 - 1489 ) !
* राव सातलजी ( 1489 - 1492) !
* राव सुजाजी (1492 - 1515) - बागाजी !
* राव बिरमदेव ( 1515 - 1515) ये बागाजी जी के
पुत्र थे !
* राव गांगा जी (1515 - 1532 ) -खानवा युद्ध में
भाग लिया !
मुगल काल :-
* राव मालदेव जी ( 1532 - 1562) - 52 युद्ध
किये,52 गाँव विजेता !
* राव चन्द्रसेन ( 1562 - 1565) मारवाड़ के प्रताप !
* राव - राजा उदय सिंह ( 1583 - 1595)
राजा की पदवी इनके समय से शुरू हुयी !
* सवाई राजा सूरजमल (1595 - 1619) !
* महाराजा गज सिंह प्रथम ( 1619 - 1638) !
* महाराजा जसवन्त सिंह ( 1638 - 1678) - अमर
सिंह राठौड़ ! - राजा राय सिंह !
* राजा अजित सिंह ( 1679 - 1724 ) ! - इंद्र
सिंह !
* राजा अभय सिंह ( 1724 - 49) !
* राजा राम सिंह प्रथम ( 1749 - 1751) !
रामा से राजी नही उतर दिनों देश !
जौधाणो झाला देवे आव धनी बकतेश !!
* राजा बखत सिंह ( 1751 - 1752) !
* राजा विजय सिंह प्रथम ( 1752 - 1753 ) !
* राजा राम सिंह द्वितीय ( 1753 - 1772 ) !
* राजा विजय द्वितीय ( 1772 - 1793 ) !
* राजा भीम सिंह ( 1793 - 1803 ) !
ब्रिटिश काल :-
* राजा मान सिंह ( 1803 - 43) !
*ग्रेट सर राजा तखत सिंह ( 1843 - 73) !
* राजा जसवंत सिंह द्वितीय ( 1873 - 95) ! केसर
-ए -हिन्द !
* राजा सरदार सिंह ( 1895 - 1911) !
* राजा सुमेर सिंह ( 1911 - 18 ) !
* राजा उम्मेद सिंह ( 1918 - 1947) !
* राजा हनुमन्त सिंह जी ( 9 जून 1947 - 15 अगस्त
1947)

Aaj ki news me yesi do news h Jisme love jihad (muslimo ki asli kartut h)  Hindus abhi nhi fir kabhi nhi
31/08/2014

Aaj ki news me yesi do news h
Jisme love jihad (muslimo ki asli kartut h) Hindus abhi nhi fir kabhi nhi

Dosto dekh lo muslimo ka asli chehra Abhi bhi wakat h sambhal jao
31/08/2014

Dosto dekh lo muslimo ka asli chehra
Abhi bhi wakat h sambhal jao

29/08/2014

Socho zara. .
sukun milega...
जो चाहा कभी पाया नहीं,
जो पाया कभी सोचा नहीं,
जो सोचा कभी मिला नहीं,
जो मिला रास आया नहीं,
जो खोया वो याद आता है
पर
जो पाया संभाला जाता नहीं ,
क्यों
अजीब सी पहेली है ज़िन्दगी
जिसको कोई सुलझा पाता नहीं...
जीवन में कभी समझौता करना पड़े तो कोई
बड़ी बात
नहीं है,
क्योंकि,
झुकता वही है जिसमें जान होती है,
अकड़ तो मुरदे की पहचान होती है।
ज़िन्दगी जीने के दो तरीके होते है!
पहला: जो पसंद है उसे हासिल करना सीख
लो.!
दूसरा: जो हासिल है उसे पसंद करना सीख
लो.!
जिंदगी जीना आसान नहीं होता;
बिना संघर्ष कोई
महान नहीं होता.!
जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है;
कभी हंसती है तो कभी रुलाती है; पर
जो हर हाल में
खुश रहते हैं; जिंदगी उनके आगे सर झुकाती है।
चेहरे की हंसी से हर गम चुराओ; बहुत कुछ
बोलो पर
कुछ ना छुपाओ;
खुद ना रूठो कभी पर सबको मनाओ;
राज़ है ये जिंदगी का बस जीते चले जाओ।
"गुजरी हुई जिंदगी को
कभी याद न कर,
तकदीर मे जो लिखा है
उसकी फर्याद न कर...
जो होगा वो होकर रहेगा,
तु कल की फिकर मे
अपनी आज की हसी बर्बाद न कर...
हंस मरते हुये भी गाता है
और
मोर नाचते हुये भी रोता है....
ये जिंदगी का फंडा है बॉस
दुखो वाली रात
निंद नही आती
और
खुशी वाली रात कौन सोता है...
ईश्वर का दिया कभी अल्प नहीं होता;
जो टूट जाये वो संकल्प नहीं होता;
हार को लक्ष्य से दूर ही रखना;
क्योंकि जीत का कोई विकल्प
नहीं होता।
जिंदगी में दो चीज़ें हमेशा टूटने के लिए
ही होती हैं :
"सांस और साथ"
सांस टूटने से तो इंसान 1 ही बार मरता है;
पर किसी का साथ टूटने से इंसान पल-पल
मरता है।
जीवन का सबसे बड़ा अपराध -
किसी की आँख में आंसू आपकी वजह से
होना।
और
जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि -
किसी की आँख में आंसू आपके लिए होना।
जिंदगी जीना आसान नहीं होता;
बिना संघर्ष कोई महान नहीं होता;
जब तक न पड़े हथोड़े की चोट;
पत्थर भी भगवान नहीं होता।
जरुरत के मुताबिक जिंदगी जिओ -
ख्वाहिशों के मुताबिक नहीं।
क्योंकि जरुरत
तो फकीरों की भी पूरी हो जाती है;
और ख्वाहिशें बादशाहों की भी अधूरी रह
जाती है।
मनुष्य सुबह से शाम तक काम करके
उतना नहीं थकता;
जितना क्रोध और चिंता से एक क्षण में थक
जाता है।
दुनिया में कोई भी चीज़ अपने आपके लिए
नहीं बनी है।
जैसे:
दरिया - खुद अपना पानी नहीं पीता।
पेड़ - खुद अपना फल नहीं खाते।
सूरज - अपने लिए हररात नहीं देता।
फूल - अपनी खुशबु अपने लिए नहीं बिखेरते।
मालूम है क्यों?
क्योंकि दूसरों के लिए
ही जीना ही असली जिंदगी है।
मांगो तो अपने रब से मांगो;
जो दे तो रहमत और न दे तो किस्मत;
लेकिन दुनिया से हरगिज़ मत माँगना;
क्योंकि दे तो एहसान और न दे
तो शर्मिंदगी।
कभी भी 'कामयाबी' को दिमाग और
'नकामी' को दिल में जगह
नहीं देनी चाहिए।
क्योंकि, कामयाबी दिमाग में घमंड और
नकामी दिल में मायूसी पैदा करती है।
कौन देता है उम्र भर का सहारा। लोग
तो जनाज़े में भी कंधे बदलते रहते हैं।
कोई व्यक्ति कितना ही महान क्यों न
हो, आंखे मूंदकर उसके पीछे न चलिए।
यदि ईश्वर की ऐसी ही मंशा होती तो वह
हर प्राणी को आंख, नाक, कान, मुंह,
मस्तिष्क आदि क्यों देता?
Nice Lines By Gulzar Sahab
पानी से तस्वीर कहा बनती है,
ख्वाबों से तकदीर कहा बनती है,
किसी भी रिश्ते को सच्चे दिल से
निभाओ,
ये जिंदगी फिर वापस कहा मिलती है
कौन किस से चाहकर दूर होता है,
हर कोई अपने हालातों से मजबूर होता है,
हम तो बस इतना जानते है,
हर रिश्ता "मोती"और हर दोस्त
"कोहिनूर" होता है।

Ye h achhe din -----umid h or bhi achhe din aayenge Desh ko jhukne nhi dunga
25/08/2014

Ye h achhe din -----umid h or bhi achhe din aayenge
Desh ko jhukne nhi dunga

Dosto enke sath kya karna chahiye aap hi btao please
13/08/2014

Dosto enke sath kya karna chahiye aap hi btao please

Raksha bandhan ki bahut bahut badhai
10/08/2014

Raksha bandhan ki bahut bahut badhai

Vande Matram ----jai hind Please share or comments
07/08/2014

Vande Matram ----jai hind
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Please share if u r Indian
07/08/2014

Please share if u r Indian

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