31/10/2022
हमारी शरद पूर्णिमा को पश्चिम देशों में hunters moon कहा जाता था।शिकारियों के लिए शानदार मौका होता था।
भारतीय परिप्रेक्ष्य में अधिक महत्व पूर्ण जानकारी है।प्रथम तो सूर्य पुत्र अश्विनी कुमार दो देवता हैं जो देवताओं के वैद्य हैं।शरद पूर्णिमा को अश्विनी नक्षत्र में खीर में ही नहीं,समस्त औषधियों की गुणवत्ता बढ़ जाती है चंद्रमा की रोशनी से।नकुल व सहदेव को अश्विनेय क्यों कहा जाता है? क्योंकि वे अश्विनी कुमारों की कृपा से उत्पन्न थे।
इस दिन मधुमक्खियों को छेड़ना बहुत खतरनाक सिद्ध होता है।मधु संग्रह पूर्ण यौवन पर होता है।छेड़ने पर समूह आक्रमण कर देतीं हैं।मृत्यु भी हो सकती है।यह उनका वर्ष भर का भोजन संग्रह होता है,जिसकी रक्षा में वे युद्ध करती हैं।
धर्म भीरु भारतीय जनता को यह न बता कर ऋषियों ने ज्योतिष योग गढ़ दिया कि शरद पूर्णिमा के दिन विष पायियों के काटने से मृत्यु हो। यह बात कुछ और जीवों के सर्वेक्षण पर भी आधारित है।
पर यह दिन भारतीय खगोल शास्त्र आधारित ज्योतिष का स्वर्णिम दिन है।उस आदिम मनुष्य को,जब वह नंगा घूमता था,कच्चा मांस खाता था,समाज व रिश्ते नहीं बने थे, शरद पूर्णिमा का चंद्र बड़ा सम्मोहन उत्पन्न करता था। 'अहा !आज शिकार अधिक मिलेगा।सब कुछ नजर आएगा' । वह भूल गया कि सबकी नजरें उसपर भी हैं।
बहुत बाद में मनुष्य ने जाना कि सर्वाधिक शिकार शरद पूर्णिमा व आस पास के दिनों में होते हैं। जिन की कुंडली में चंद्राधिक्य है,वे उन्मत्त हो उठेंगे। शिकार करेंगे व खुद भी शिकार हो सकते हैं।
अब हम जानते हैं कि पूर्णिमा मनोरोगियों के लिए अच्छी नहीं होती।depression व कमजोर दिल के लोगों के लिए अच्छी नहीं होती। जितने भी mood swings हैं वे अनियमित आचरण की ओर ले जाते हैं।मनुष्य दूसरी ही दुनिया मे खोया रहता है,व दुर्घटना हो जाती है।असामान्य आचरण करने लगता है।
वैज्ञानिक मानते हैं कि पूर्ण चंद्र के दिन दुर्घटनाएं अधिक होती हैं।
परंतु शरद पूर्णिमा के सौम्य चंद्र का रचनात्मक उपयोग ऋषियों ने खोज कर उसे हिंसा से बचाने की चेष्टा की है। रति,काम व सौंदर्य प्रदायक हैं शरद पूर्णिमा के चंद्र। इन्हें देखिए,इन्हें भोगिये,कम से कम पंचमी तक,कम से कम रोहिणी नक्षत्र आने तक।रोहिणी चंद्र प्रिया हैं,जिसमें खुद चंद्र उन्मत्त हो उठते हैं।मेदिनी ज्योतिष का प्रसिद्ध शकट वेध रोहिणी से ही बनता है,जिसमे पाप ग्रह प्रवेश कर युद्ध,अकाल व प्रलय ला सकते हैं|. Pt satish sharma