27/09/2026
मनमोहन सिंह जी सिर्फ एक प्रधानमंत्री नहीं थे, भारत की Economic Transformation के architects में से एक थे।
1991 में जब देश गंभीर आर्थिक संकट में था, तब Liberalisation और Economic Reforms की दिशा में उनकी भूमिका निर्णायक रही। या फिर 2004–08 के समय को देखा जाए , भारत ने करीब 8.8% average GDP growth दर्ज की एक ऐसा दौर जिसे भारत के high-growth phase के तौर पर देखा जाता रहा है
आज की सरकार का Economic Model अलग है। आज सबसे बड़ा सवाल सिर्फ GDP कितनी बढ़ी नहीं है। सवाल है ,इस growth से कितने quality jobs बने? Private investment कितना बढ़ा? Manufacturing कितनी तेजी से रोजगार पैदा कर पाई? और इस growth का फायदा कितने व्यापक वर्ग तक पहुँचा क्योकि असली परीक्षा हमेशा यही रहेगी Growth आंकड़ों से निकलकर आम आदमी की income, job और standard of living तक कितनी पहुंची।
मनमोहन सिंह जी की विरासत को समझने का शायद यही सही तरीका है उन्होंने Economy की दिशा बदलने में भूमिका निभाई; आज की चुनौती उस growth को ज्यादा रोजगार, productivity और व्यापक prosperity में बदलने की है।