03/05/2025
जल जीवन मिशन या जल्दबाज़ी मिशन?
4 तारीख को फाइल बनी, 5 तारीख को सारे हस्ताक्षर भी हो गए!
₹380 लाख से ज़्यादा की राशि मात्र 24 घंटे में स्वीकृत —
ना कोई तकनीकी जांच, ना कोई पारदर्शिता, ना कोई जवाबदेही!
रफ्तार देखिए साहब
4 को फाइल बनी, 5 को करोड़ों पास –
ऐसी स्पीड तो बुलेट ट्रेन को भी शर्म आ जाए!
क्या इसी तरह आम जनता के हक का पानी भी कागज़ों में बहा दिया जाएगा?
सवाल उठाना ज़रूरी है — क्योंकि हर बूंद का हिसाब होना चाहिए।