01/05/2025
जातिगत जनगणना करवाने के लिए आख़िरकार मोदी सरकार को झुकना ही पड़ा है।
ये जीत नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ता और नेता और लाखों activists की है जो इसके लिए लगातार लड़ते रहे।
सामाजिक न्याय के लिए जातिगत जनगणना ज़रूरी है। ये राहुल गांधी जी का संकल्प है और वो इस पर डटे रहे। भाजपा ने राहुल गांधी का खूब विरोध किया, भरी संसद में गालियाँ भी दीं, मगर राहुल गांधी अडिग रहे। और आज नतीजा सबके सामने है।
हम सरकार के इस फैसले का पूरा समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार को इसकी टाइमलाइन भी बतानी होगी कि जातिगत जनगणना का काम कब तक पूरा होगा?
इसमें तेलंगाना का अच्छा मॉडल है - जनगणना में ऐसे सवाल पूछे जाएँ जिससे कि असलियत बाहर आए।
साथ ही आरक्षण में 50% सीमा की दीवार को भी तोड़ देंगे।
कांग्रेस पार्टी ने अपने मैनिफेस्टो में लिखा था कि आर्टिकल 15(5) के तहत निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण लागू किया जाए और हमारी मांग है कि सरकार इसे तत्काल लागू करे।
ये हमारा विजन है, जातिगत जनगणना पहला कदम है, दरवाजा खोलने का तरीका है।। उसके बाद विकास का काम शुरू होगा।
आप सभी से अनुरोध है की सोशल मीडिया की सभी पोस्ट में ka प्रयोग करें और इस बात को जन जन तक ले जाएँ।