18/08/2026
Big brother
भाई के लिए भलाई की चाहतहदीस: रसूल अल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया: "तुम में से कोई उस वक्त तक (كامل) मोमिन नहीं हो सकता, जब तक कि वह अपने भाई के लिए भी वही पसंद न करे जो वह अपने खुद के लिए पसंद करता है।" (सहीह बुखारी और सहीह मुस्लिम)एक जिस्म की तरह ताल्लुकहदीस: पैगंबर साहब ने मोमिनों (आपसी भाइयों) की मिसाल एक जिस्म की दी कि अगर उसका एक हिस्सा भी तकलीफ में हो, तो पूरा जिस्म बुखार और बेचैनी से उसका साथ देता है।भाई की मदद करनाहदीस: "मुसलमान मुसलमान का भाई है। न तो वह उस पर जुल्म करता है और न ही उसे बेसहारा छोड़ता है।" (सहीह बुखारी)आपसी प्रेम का इज़हारहदीस: नबी करीम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया: "जब कोई शख्स अपने भाई से मोहब्बत करे, तो उसे चाहिए कि वह उसे बता दे कि वह उससे मोहब्बत करता है।" (अबू दाऊद व तिर्मिज़ी)अगर आप किसी खास मौक़े या सिलसिले (जैसे अधिकार, नाराजगी दूर करना, या हककुल इबाद) से जुड़ी कोई और हदीस जानना चाहते हैं, तो जरूर बताएं।