17/01/2025
हे बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar जी, जब आप संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के साथ यात्रा करते हीं हैं। आमलोगों की बात तो दूर रहा,अपने झंडा ढ़ोने वाले को भी आस-पास फटकने नहीं देते हैं तो फिर हर बार खगड़िया आने पर बेमतलब लोगों को पुलिस प्रशासन से परेशान क्यों करवाते हैं?
जिन जिन लोगों को आपकी पुलिस बेवजह परेशान किया, थाना में बैठाकर रखा। क्या उन लोगों द्वारा आपके खिलाफ कोई साजिश रचा गया था? क्या आपका खुफिया तंत्र ने ऐसा रिपोर्ट किया कि अमुख लोगों द्वारा मुख्यमंत्री जी के यात्रा में बिध्न-बाधा उत्पन्न किया जाएगा? यदि दिया है तो किस मापदंड पर दिया, उसे सार्वजनिक किया जाय और यदि नहीं दिया गया तो लोगों को थाने में क्यों रखा गया, इसका भी जबाब देना चाहिए?
सबों को पता है कि यात्रा के दौरान आपके नाम जो मांग पत्र दिया जाता है, वह आपके सुरक्षाकर्मी के द्वारा ऐसे कुड़ेदान में फेंक दिया जाता कि उसका कोई खोज-खबर भी नहीं रहता है। अधिकतम आदतन मजबूर लोग जिस लोगों को फोटो दिखाकर मूर्ख बनाना है, वही लोग आपको मांग पत्र देने के लिए व्याकुल रहते हैं। मेरे जैसे व्यक्ति तो आपके दूर दूर तक नहीं फटकना चाहता है।
महोदय, यदि आप सच में सुशासन की दावा करते हैं तो किसी भी एक जिला में सार्वजनिक मंच लगाकर जिले के आलाधिकारियों के कार्यकलापों के विषय में पब्लिक का ओपेनियन ले लिजिए, आपको पता चल जाएगा कि आपके अधिकारी कितना बड़ा हिटलर है। जो अपने कोठी भरने और आपको खुश रखने में सदैव लगा रहता है। उसे आमजन की समस्या से कोई लेना देना नहीं है। अधिकारी खुद को इस कदर व्यस्त दिखाते हैं जैसे कि संपूर्ण जिलेवासियों के घर की चूल्हा वहीं जलवाते हैं।
महोदय, आपके यात्रा के दौरान जिस प्रकार जिले में आंदोलनकारी विचार वाले लोगों के साथ ज्यादती की जाती है, वह घोर निंदनीय और अतिघृनित कार्य है। आपके पुलिस का पब्लिक के साथ अच्छा रिश्ता नहीं है। जिले में एक दो थानेदार को छोड़कर जितने भी थानेदार हैं सब के सब सिर्फ अपने वरीय अधिकारियों के नजरों में अच्छा बने रहने में लगा है। अपने थानाक्षेत्र में दो-चार दलाल रखकर सिर्फ और सिर्फ अवैध उगाही में लगा रहते हैं। उन्हें आमजन की समस्या से कोई लेना देना नहीं है। आप किसी भी थाना का एक सर्वे करवा लिजिए, पता चल जाएगा कि थानेदार का आम पब्लिक के साथ कैसा रिश्ता कायम है।
महोदय, आपको यात्रा करना है तो कीजिए या ना कीजिए। हम जैसे समाजिक कार्यकर्ता को आपके यात्रा से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है। आपके यात्रा से आपका, आपके मंत्री का, आपके अधिकारी का बक्सा भरेगा। विकास के नाम पर जो फोकसबाजी होता है यह सब जानता है। बस इतना कृपा कीजिए, अपने पुलिस प्रशासन से कह दिजिए कि आपके सुरक्षा के नाम पर मेरे जैसे समाज के लिए जीने वाले, लूटेरा अधिकारी के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को तंग तबाह न करें। अन्यथा बिना मतलब आपके यात्रा में एक बैनर छपवाकर मुझ जैसे लोगों को "नेतागिरी" करना पड़ जाएगा।
#सादर_धन्यवाद