21/01/2024
दर्द छुपता❤️❤️ नहीं कभी छुपाने से
लोग छलते गये हमें 🌹🌹बहाने से
वक्त से क्या करें 🌹🌹शिकायत हम
कैसे तौबा 🌹करे इस जमाने से
राज़े उल्फ़🌹🌹🌹❤️त को सम्हाले बैठे हैं
मौत आती नहीं कभी बुलाने से
रंजिशें भी तो🌹 कमाल करती हैं
रोज देखा कई कई 🌹🌹ठिकाने से
आईना तोड़ तो दिया फिर भी
सच उभरता ही र🌹🌹हा दबाने से
ये हकीकत बयानी भी सु🌹🌹न लो
बेअसर ही रही हूँ हरेक ताने से
आसमां भी झुके🌹🌹गा क़दमों में
ग़म नहीं है आज इन विराने से
लवी शामें रंगीन फिजां दिलकश
अम्न बरसा रहा 🌹🌹ख़ुदा ख़जाने से
Ahir Sarvesh yaduvanshi 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹