31/03/2026
जोहार झूम उठा है सारा गगन, प्रकृति ने किया श्रृंगार है,
सखुआ के फूलों की खुशबू से, महका सारा संसार है।
पतझड़ बीत गया अब तो, कलियों में आई जान है,
सरहुल सिर्फ त्योहार नहीं, झारखंड की अपनी पहचान है।