15/07/2026
दोस्तों नमस्कार,
मैं सुरेश पांडे, डिवाइन इन्फ्राटेक्स से।
जो लोग अपना घर बनवाना चाह रहे हैं, या भविष्य में बनवाने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं। इन्हें नोट करके रखिए, क्योंकि जब भी आप किसी कॉन्ट्रैक्टर से बात करें, तो इन बातों की जानकारी आपको पहले से होनी चाहिए।
सबसे पहले बात करते हैं रेट की। आज के समय में लखनऊ में यदि कोई तकनीकी रूप से अच्छा और अनुभवी कॉन्ट्रैक्टर है, तो वह सामान्यतः लगभग ₹1800 प्रति वर्गफुट के आसपास फिनिश्ड कंस्ट्रक्शन का रेट ले रहा है।
अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह रेट किस एरिया के हिसाब से लिया जाएगा।
मान लीजिए आपका प्लॉट 1000 वर्गफुट का है और आप उसका पूरा निर्माण करवाना चाहते हैं। तो केवल प्लॉट की नाप पर ही भुगतान नहीं होता। सामान्यतः ग्राउंड फ्लोर के साथ जो भी अतिरिक्त एरिया निकलता है, जैसे छज्जे, बालकनी आदि, वह भी नापा जाता है। इसके अलावा फर्स्ट फ्लोर पर जो मुमटी बनती है, उसकी भी पूरे छज्जे सहित नाप ली जाती है। इस प्रकार पूरे निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) की गणना करके उसे ₹1800 प्रति वर्गफुट से गुणा किया जाता है।
अब बात करते हैं कि इस रेट में क्या-क्या शामिल होता है।
इसमें सामान्यतः पूरा फिनिशिंग वर्क शामिल होता है, जैसे प्लंबिंग, टाइल्स, पेंट, प्लास्टर आदि।
लेकिन कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जो सामान्यतः इसमें शामिल नहीं होतीं।
सबसे पहले फुली मॉड्यूलर किचन, क्योंकि उसकी कोई निश्चित कीमत नहीं होती। कोई ₹50,000 में बनवाता है तो कोई ₹5 लाख तक खर्च कर देता है।
इसी प्रकार वार्डरोब, टीवी कैबिनेट, और फॉल्स सीलिंग भी सामान्यतः अलग से चार्ज होती हैं। हाँ, यदि केवल साधारण POP का काम है तो कई कॉन्ट्रैक्टर उसे शामिल कर देते हैं, लेकिन पूरी फॉल्स सीलिंग सामान्यतः अलग होती है।
इसके अलावा सबमर्सिबल पंप भी इसमें शामिल नहीं होता।
यदि प्लॉट में गहराई होने के कारण सॉइल फिलिंग (Soil Filling) की आवश्यकता पड़ती है, तो उसकी लेबर कॉस्ट सामान्यतः कॉन्ट्रैक्टर अपने पैकेज में शामिल कर देता है। मिट्टी मंगवाने की व्यवस्था भी कॉन्ट्रैक्टर करवा देता है, लेकिन सॉइल फिलिंग के लिए जो मिट्टी (Soil) खरीदी जाएगी, उसका खर्च क्लाइंट द्वारा अलग से वहन किया जाता है। इसलिए यह बात भी कॉन्ट्रैक्ट में पहले से स्पष्ट कर लें कि सॉइल फिलिंग के लिए मिट्टी का खर्च पैकेज में शामिल नहीं है और यह क्लाइंट की तरफ से अलग रहेगा।
यदि आप फ्रंट एलिवेशन में सिविल वर्क के अलावा कोई अतिरिक्त डिज़ाइन या डेकोरेटिव काम करवाना चाहते हैं, तो उसका चार्ज भी अलग होता है।
बाकी अधिकांश सामान्य निर्माण कार्य इस पैकेज में शामिल होते हैं।
इन सभी बातों को पहले से स्पष्ट कर लेना चाहिए, ताकि बाद में किसी प्रकार का विवाद न हो।
इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण बात आती है स्पेसिफिकेशन की।
जो भी सामग्री लगाई जाएगी, उसकी पूरी जानकारी लिखित में होनी चाहिए।
जैसे—
- पेंट कौन-सा लगेगा।
- टाइल्स कितने रुपये प्रति वर्गफुट तक की होंगी।
- उनका साइज क्या होगा।
- किचन का स्टोन कितने रुपये तक का होगा।
- बाथरूम की टाइल्स 7 फीट तक लगेंगी, 10 फीट तक लगेंगी या पूरी ऊँचाई तक लगेंगी।
यदि यह बातें पहले से लिखित में स्पष्ट नहीं होंगी, तो बाद में अक्सर विवाद होता है कि हमने तो पूरी टाइल्स की उम्मीद की थी, जबकि कॉन्ट्रैक्टर कहेगा कि इतनी ही तय हुई थी।
लकड़ी का भी विशेष ध्यान रखें।
चौखट मलेशियन सागौन की होनी चाहिए। कई बार नाम किसी और लकड़ी का बताया जाता है और लगाई कोई दूसरी जाती है। इसलिए इसकी भी पुष्टि कर लें।
दरवाज़ों में अच्छे मेम्ब्रेन डोर लगवाइए और बाथरूम में अच्छी क्वालिटी के PVC डोर लगवाइए।
इलेक्ट्रिकल वायरिंग अच्छी क्वालिटी की रखिए, क्योंकि बाद में यही सबसे अधिक परेशानी देती है।
प्लंबिंग में विशेष रूप से नीचे का सीवरेज सिस्टम अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए, क्योंकि बाद में उसे बदलना बहुत कठिन और महँगा पड़ता है।
कुल मिलाकर कोशिश यही होनी चाहिए कि क्वालिटी से समझौता न किया जाए।
अब बात करते हैं निर्माण सामग्री की।
ईंट अच्छी क्वालिटी की, अर्थात अव्वल श्रेणी की होनी चाहिए।
रेत (मोरंग) में मीडियम मोरंग चिनाई और प्लास्टर दोनों के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
सीमेंट को लेकर लोगों में बहुत भ्रम रहता है कि केवल यही ब्रांड अच्छा है या वही अच्छा है। जबकि वास्तविकता यह है कि UltraTech, ACC, Mycem या अन्य स्थापित कंपनियों के सीमेंट सभी अपने-अपने मानकों के अनुसार अच्छे होते हैं। इनमें काफी हद तक अंतर मार्केटिंग और ब्रांड वैल्यू का भी होता है। हम लोग साइट पर उपलब्धता के अनुसार UltraTech, Mycem या जो भी अच्छा ब्रांड उपलब्ध होता है, उसका उपयोग करते हैं।
सरिया में भी ऐसा नहीं है कि केवल सबसे महँगा ब्रांड ही लगाना जरूरी है। यदि अच्छी क्वालिटी का Fe-500 TMT सरिया है, तो वह सामान्य आवासीय निर्माण के लिए पर्याप्त होता है। बहुत अधिक प्रीमियम या कमर्शियल प्रोजेक्ट में अलग ब्रांड का चयन किया जा सकता है।
अंत में एक महत्वपूर्ण बात।
यदि आप बहुत अधिक मोलभाव करेंगे, तो कॉन्ट्रैक्टर अपना मार्जिन कहीं न कहीं निकालने की कोशिश करेगा और उसका सबसे आसान तरीका क्वालिटी कम करना होता है।
यदि कोई ₹1300 प्रति वर्गफुट में काम करेगा, तब भी वह अपना लगभग 10% मार्जिन निकालेगा, इसलिए संभावना है कि क्वालिटी कम हो जाए।
₹1400 में भी यही स्थिति हो सकती है।
लेकिन जैसे-जैसे आप ₹1600, ₹1700 या ₹1800 की ओर जाते हैं, वैसे-वैसे बेहतर सामग्री और बेहतर क्वालिटी मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
इसलिए केवल सस्ता रेट मत देखिए, बल्कि यह भी देखिए कि उस रेट में आपको वास्तव में क्या-क्या मिल रहा है।
अगर आपको लगता है कि इस विषय में अभी भी कोई जानकारी छूट गई है, या आप किसी विशेष विषय पर विस्तार से जानना चाहते हैं, तो कमेंट करके जरूर बताइए।
मैं उस विषय पर अलग से विस्तार से वीडियो बनाऊँगा।
धन्यवाद। नमस्कार।