03/08/2026
🚀 जब चंद्रयान बनाने वाला वैज्ञानिक अब बच्चों का भविष्य लिखेगा... सोचिए शिक्षा कितनी ऊँची उड़ान भर सकती है!
आज के दौर में शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सीमित रखने के बजाय भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने की चर्चा हो रही है। इसी दिशा में तमिलनाडु सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पूर्व ISRO वैज्ञानिक डॉ. मयिलसामी अन्नादुरै को स्कूल एजुकेशन करिकुलम डिज़ाइन कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
डॉ. अन्नादुरै वही वैज्ञानिक हैं जिन्होंने भारत के ऐतिहासिक चंद्रयान-1 मिशन का नेतृत्व किया और बाद में चंद्रयान-2 तथा मंगलयान जैसे महत्वपूर्ण अंतरिक्ष अभियानों में भी अहम भूमिका निभाई। अब वे राज्य के स्कूल पाठ्यक्रम को अधिक आधुनिक, वैज्ञानिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में योगदान देंगे।
सरकार के अनुसार, नए पाठ्यक्रम में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, STEM, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), तार्किक सोच, समस्या-समाधान क्षमता और 21वीं सदी के कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को बदलती दुनिया के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके।
शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि जिज्ञासा, नवाचार और बेहतर सोच विकसित करने का साधन भी है। ऐसे में अनुभवी वैज्ञानिकों और शिक्षा विशेषज्ञों की भागीदारी पाठ्यक्रम को अधिक व्यावहारिक और समकालीन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
👏 डॉ. मयिलसामी अन्नादुरै को इस नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ। उम्मीद है कि उनके अनुभव का लाभ लाखों विद्यार्थियों तक पहुँचेगा।