26/07/2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों की लड़ाई लड़ते हुए पुलिस की बर्बरता का शिकार होने वाले अनिल सिंह इस पूरे आंदोलन के सबसे चर्चित चेहरों में से एक बनकर सामने आए।
अनिल सिंह मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले (मझिगवां गाँव) के रहने वाले हैं। वे दसवीं तक की पढ़ाई करने के बाद खेती-किसानी के काम में लग गए, लेकिन उन्हें अक्सर देश और छात्रों के भविष्य की चिंता रहती थी। अपने बच्चों के भविष्य को लेकर भी वे लगातार चिंतित रहते थे।
इसी चिंता के चलते 17 जुलाई को वे मऊगंज स्थित अपने गांव मझिगवां से दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्हें पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा।
अनिल सिंह के दो बच्चे हैं। उनका छह वर्षीय बेटा श्रेयांश पहली कक्षा में और चार वर्षीय बेटी अंशिका एलकेजी में पढ़ती है। अनिल सिंह दोनों बच्चों को घर पर छोड़कर जंतर-मंतर गए थे। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद बच्चों ने कहा, “पापा, जल्दी घर आ जाओ।”
आपके बहादुर को देश के करोड़ों युवा युगों युगों तक याद रखेंगे। आप जल्द स्वस्थ हों इसी कामनाओं के साथ बार बार सहस्त्र बार धन्यवाद, प्रणाम।