Kapildeo Rishideo

Kapildeo Rishideo समाजिक कुरीतियों से मुक्त व्यक्तित्व का निर्माण

01/10/2025

कोई हमें और भारत वासियों को संघ के बारे में ना बताएं और ना हीं उनके देश प्रेम के बारे में बताएं।
जनता सब जानती है।

Jay Bhim.
06/06/2025

Jay Bhim.

*धम्म प्रभात* सभी आदरणीय सम्मानित साथियों को क्रांतिकारी जय भीम       🙏🌹नमो बुद्धाय जय भीम 🌹🙏* जिंदगी में विचार और व्यवह...
28/01/2025

*धम्म प्रभात*
सभी आदरणीय सम्मानित साथियों को क्रांतिकारी जय भीम
🙏🌹नमो बुद्धाय जय भीम 🌹🙏
* जिंदगी में विचार और व्यवहार का बड़ा महत्व है, विचार व्यावहार बदल देता है और व्यवहार विचार बदल देता है।*
🌷जय संविधान जय भारत जय विज्ञान 🌷

Rameshbhai Makwana

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Shout out to my newest followers! Excited to have you onb...
28/01/2025

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Nandkishor Rishideo, Rakesh Kumar Soni

26/01/2025
15/01/2025
15/01/2025
ब्राह्मणों ने बौद्ध विरासत को कैसे ब्रह्मणिकरण किया ?उसकी एक उदाहरण देखिए।नाग/सांप को शिवजी के गले में पहना कर उसकी पूजा...
08/01/2025

ब्राह्मणों ने बौद्ध विरासत को कैसे ब्रह्मणिकरण किया ?
उसकी एक उदाहरण देखिए।
नाग/सांप को शिवजी के गले में पहना कर उसकी पूजा करवानी शुरू कर दी, जबकि नाग का संबंध सांप से न ही था और न ही है ।
ये सिर्फ प्रतिक के तौर पर टोटम हैं। बल्कि पांच 5 शक्तिशाली बल्हाढ्य नागवंशी राजाओं से हैं !
1) अंनत नाग
2) वासूकी नाग
3) तक्षक नाग
4) कारकोटम नाग
5) ऐरावत नाग
ये नाग लोग प्राचीन जंम्बुद्वीप आर्यावर्त अखंड भारत देश के मुलनिवासीय #बौद्ध_दर्शन_संस्कृति के स्टार प्रचारक प्रसारक थे !
लेकिन 6-वी सदी के बाद भ्रमवंशि धुर्त पाखंडी पंडित पुरोहित ब्राह्मणों ने इन नाग शब्द का अर्थ ही बदल दिया और सांप कहना शुरु किया एवं नाग ( सांप) पुजा अर्चा आरंभ कर दिया
तथागत बुध्द के महापरिनिर्वाण के बाद से
#धम्म के पालनकर्ता प्राचीन नागलोग थागत बुध्द की अस्थियों की बड़ी रैली निकालते थे ! नागराजा शाही परिवार और बाकी सारे नागलोग बढ़े ही खुशी के साथ इसे मनाते थे ! सब लोग मिलजुलकर तथागत बुध्द, बोधिसत्व,,अरहत और बौद्ध धम्म विद्वानो के अस्थि कलश को अभिवादन करते थे !
सामान्य लोग भी उनके परिवार के बड़े व्यक्ति का इसी प्रकार सम्मान करते थे ! बड़ो का सम्मान करना यह हमारी प्राचीन धार्मिक धम्म परंपरा है !!
आज भी मृत्यु के बाद राख को तांबे पीतल के कलश में रखा जाता है।, यह प्राचीन जंम्बुद्वीप भारतीय बौद्ध धम्म परंपरा है। जो आज भी भारत और अन्य विदेशी बौद्ध देशो में अभी भी जारी है। धम्म सभ्यता में पूजा का अर्थ है सम्मान देना !
सम्मान स्वाभिमान पाना..!!
ॐ ओम मणि पद्मे हूॅं नमो नमो बुध्दाय नमो नमो धम्माय नमो नमो संघाय 🙏🙏🙏

Address

Madhepura
852128

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Kapildeo Rishideo posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category