12/08/2024
Vinesh Phogat के लिए बहुत से लेखक बेमतलब के लेख लिख रहे है। बदनामी कर रहे है।बिना कुश्ती की जानकारी को जुटाएं कि जूनियर पहलवानों का हक खा लिया। वो पूरे भारत को Represent करते हुए खेली है।
खेलो में जूनियर कैटेगरी में कोई सीनियर नही खेल सकता है। लेकिन सीनियर कैटेगरी ऐसी है जहां कोई किसी को खेलने से नही रोक सकता है। जिसमे दम होगा वो जीतेगा और आगे जायेगा।
जब विनेश मानसिक प्रताड़ना से गुजर रही थी। कंप्टीशन से दूर थी। उस वक्त लाडो अंतिम पंघाल 53 kg में ओलंपिक कोटा हासिल कर चुकी थी।
यह सारा घटनाक्रम 2024 का ही है। विनेश ने घुटने की सर्जरी कराई। बहुत कम समय में बेइंतहा मेहनत करके वापसी की ओर नेशनल में 53kg की वेट कैटेगरी में नेशनल मैडल जीता । ओर जब ओलंपिक कोटे के लिए पटियाला में ट्रायल होने थे उस दिन विनेश 50kg वेट के लिए तैयारी करके गई थी।
लेकिन फिर भी विनेश ने ट्रायल लेने के लिए बैठे अधिकारियों से बोला था कि 53 kg में अगर ओलंपिक जाने के लिए ट्रायल कराओगे। तो लिखित में दो तो मै 50kg में ट्रायल नही दूंगी। लेकिन ट्रायल शुरू करवा दिए गए।अधिकारियों ने कहा कि हम बिना फेडरेशन या तदर्थ कुश्ती समिति के बिना कुछ नही कह सकते।लेकिन जो अपने वेट में 4 बेस्ट आयेंगे उन्हें ओलंपिक जाने के लिए ट्रॉयल कराएं जा सकते है।
विनेश ने 50kg वेट होते हुए 53 में ट्रायल दिया। ओर बेस्ट फोर्थ में एंट्री करने के बाद उसने 53 kg में एनर्जी न लगाते हुए। दूसरी पहलवान को जीतने दिया। फिर विनेश को 50 kg ट्रायल के लिए मान गए। विनेश ने ट्रायल जीता और 50 kg में ओलंपिक कोटा लाई।वो लड़कर और जीतकर गई । किसी के रहमोकरम से नही गई।
ओलंपिक गई। यूई सुसाकी जिसे दुनिया की सबसे बेहतरीन महिला पहलवान माना जाता हैं। जो किसी से नही हारी उसे विनेश ने हराया। सेमीफाइनल जीता। फाइनल से पहले हुए वजन में वो डिसक्वालिफाई हो गई।देश का दिल टूट गया।
अब जो S. Hildebrandt (USA) की खिलाड़ी 50kg में गोल्ड जीती है। वो भी पहले 53 kg में खेलती रही है। ओर विनेश ने उन्हें हर इंटरनेशनल कुश्ती में हराया है। वीडियो यूट्यूब पर मिल जाएंगी।
विनेश हर जगह लड़कर अपने दम पर गई हैं। प्रेक्टिस और फिट होने पर विनेश का दुनिया में कोई सानी नहीं है। अपनी इस काबिल पहलवान की अहमियत समझो। जिसने दुनिया को हिला दिया है। पूरी दुनिया के खिलाड़ी और पहलवान विनेश की तारीफ कर रहे हैं। जिन मानसिक प्रताड़ना से उठकर वो फिर दुनिया पर छा गई। कितने विरले ऐसा कर पाए है?