10/04/2026
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रियल एस्टेट सेक्टर में चार साल की तेजी के बाद अब नरमी का दौर आ रहा है. सेल्स में लगातार दबाव के कारण अब बिल्डर्स एक बार फिर डिस्काउंट दे रहे हैं.
घरों की गिरी बिक्री, बिल्डर्स को आई डिस्काउंट की याद, 4 साल बाद लौटे ऑफर्स, अंडर कंस्ट्रक्शन पर 15% तक छूट
कोरोना महामारी के बाद पिछले चार साल से लगातार तेजी की उड़ान भर रहे रियल एस्टेट सेक्टर में अब नरमी के संकेत मिल रहे हैं. इसके चलते अब घर खरीदारों के लिए बिल्डर्स द्वारा शानदार ऑफर्स की वापसी हुई है. बाजार में 4 साल के बूम के बाद अब अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टीज पर 10 से 15 फीसदी तक की भारी छूट मिल रही है. यही नहीं, बिल्डर्स अब फ्लेक्सिबल पेमेंट प्लान की तरफ भी वापस जा रहे हैं. दरअसल प्रमुख शहरों में हाउसिंग डिमांड कमजोर हो रही है. 2026 की चौथी तिमाही में बिक्री 7% घटकर 101,675 यूनिट (₹1.51 लाख करोड़) हो गई है. पिछली तिमाही में यह 108,970 यूनिट (₹1.60 लाख करोड़) थी.
नई स्कीम्स ला रहे हैं डेवलपर्स
नाइट फ्रैंक इंडिया की India Real Estate Office and Residential Market - January - March 2026 (Q1 2026) रिपोर्ट के मुताबिक घटती बिक्री के बीच डेवलपर्स ग्राहकों को लुभाने के लिए कई स्कीम ला रहे हैं.
कैश डिस्काउंट समेत दे रहे मुफ्त सुविधाएं
रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डर्स बैंक और डेवलपर सबवेंशन स्कीम्स, कैश डिस्कउंट और कई तरह मुफ्त सुविधाएं दे रहे हैं.
नाइट फ्रैंक इंडिया के अनुसार बिक्री में भारी दबाव के कारण बिल्डर्स डिमांड-साइड उपायों का सहारा ले रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 की पहली तिमाही (Q1 2026) में भारत के टॉप 8 शहरों में रेजिडेंशियल सेल्स 4 फीसदी गिरकर 84,827 यूनिट्स दर्ज की गई है.
मेट्रो सिटीज की बात करें तो मुंबई में 7 फीसदी, जबकि राष्ट्रीय राजधान दिल्ली NCR और पुणे में बिक्री में सालाना आधार पर 11 फीसदी की बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
Property Market
सोर्स: Knight Frank India
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प्रमुख शहरों में हाउसिंग डिमांड कमजोर
प्रमुख शहरों में हाउसिंग डिमांड कमजोर बनी हुई है. वहीं, घरों की इन्क्वायरी में 10 से 15 फीसदी की कमी आई है. एनसीआर में 30 से 40 फीसदी की इन्क्वायरी में गिरावट आई है.
दाम घटाना बनी हुई है चुनौती
डिमांड में कमी के बावजूद कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हैं. नाइट फ्रैंक के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में एनसीआर में गाजियाबाद में 13%, ग्रेटर नोएडा में 11 की सबसे तेज सालाना दामों में बढ़ोतरी हुई है.
पिछले कुछ साल में नोएडा और गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की कीमते लगभग तीन गुना बढ़ी है. इसके अलावा हैदराबाद में कीमतें 2 गुना बढ़ी हैं.
ICRA का मानना है कि FY26 में कीमतों में 6 से 8 फीसदी का इजाफा हो सकता है.CRISIL के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में सेल्स ग्रोथ 5 से 7 फीसदी धीमी रह सकती है.
निर्माण की लागत में बढ़ोतरी के कारण बिल्डर्स के लिए फिलहाल दाम घटाना एक चुनौती बना हुआ है. ऐसे में वे सीधे दाम कम करने के बजाय डिस्काउंट और ऑफर्स दे रहे हैं.
बिल्डर्स ने कई नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग को भी फिलहाल के लिए टाल दिया है.
प्रमुख शहरों में बिक्री का हाल (Q1 2026 Vs Q1 2025)
शहर बिक्री (Q1 2026) बदलाव (YoY % Change)
मुंबई 23,185 -7%
बेंगलुरु 13,092 +5%
NCR 12,734 -11%
पुणे 12,711 -11%
हैदराबाद 9,541 +1%
ऑल इंडिया 84,827 -4%
सोर्स: नाइट फ्रैंक इंडिया
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क्यों सतर्क हैं घर खरीदार
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण रोजगार के स्ट्रक्चर में बदलाव की चिंताओं और भू-राजनीतिक तनाव ने घर खरीदारों के बीच सतर्कता को बढ़ा दिया है, इस कारण वह अपने फैसले टाल रहे हैं. इसके अलावा लगातार बढ़ती कीमतों और घटती सेल्स के कारण खरीदारों की अफोर्डेबिलिटी में दबाव पड़ा है. ऐसे में बाजार पूरी तरह से बायर्स मार्केट बनता जा रहा है. केवल एंड यूजर्स और अनुभवी निवेशक ही मार्केट में फिलहाल एक्टिव हैं. डील फाइनल होने से ज्यादा वक्त लग रहा है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल: रियल एस्टेट मार्केट की मौजूदा हालात क्या है?
जवाब: रियल एस्टेट मार्केट में चार साल की तेजी के बाद अब नरमी देखी जा रही है.
सवाल: रियल एस्टेट सेक्टर में सुस्ती का कारण क्या है?
जवाब: रियल एस्टेट सेक्टर में स्ट्रक्चर में बदलाव की चिंताओं और भू-राजनीतिक तनाव ने घर खरीदारों के बीच सतर्कता को बढ़ा दिया है.
सवाल: क्या बिल्डर किसी तरह का डिस्काउंट दे रहे हैं?
जवाब: बिल्डर अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर 10 फीसदी तक डिस्काउंट दे रहे हैं.
सवाल: घर खरीदने के फैसले में खरीदारी देरी क्यों कर रहे हैं?
जवाब: लगातार बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों ने अफोर्डेबिलिटी को प्रभावित किया है. AI के कारण आईटी सेक्टर में नौकरी पर मंडराता खता, महंगाई और भू-रजनीतिक के चलते खरीदार एहतियात बरत रहे हैं.
सवाल: घर खरीदने का क्या यह सही वक्त है?
जवाब: प्रॉपर्टी मार्केट इस वक्त बायर्स मार्केट में तब्दील हो रहा है. डिस्काउंट आदि का इस वक्त फायदा उठाया जा रहा है.