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26/09/2022

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मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि दुनिया में ‌जितना बदलाव हमारी पीढ़ी ने देखा है वह ना तो हमसे पहले किसी पीढ़ी ने देखा है...
24/07/2022

मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि दुनिया में ‌जितना बदलाव हमारी पीढ़ी ने देखा है वह ना तो हमसे पहले किसी पीढ़ी ने देखा है और ना ही हमारे बाद किसी पीढ़ी के देखने की संभावना लगती है

हम वह आखिरी पीढ़ी हैं जिसने बैलगाड़ी से लेकर सुपर सोनिक जेट देखें हैं.बैरंग ख़त से लेकर लाइव चैटिंग तक देखा है और असंभव लगने वाली बहुत सी बातों को संभव होता देखा है.

● हम वो आखिरी पीढ़ी हैं

जिन्होंने कई-कई बार मिटटी के घरों में बैठ कर परियों और राजाओं की कहानियां सुनीं, जमीन पर बैठ कर खाना खाया है, प्लेट में चाय पी है।

● हम वो आखिरी लोग हैं…

जिन्होंने बचपन में मोहल्ले के मैदानों में अपने दोस्तों के साथ पम्परागत खेल, गिल्ली-डंडा, लँगड़ी टांग, आइस पाइस, छुपा-छिपी, खो-खो, कबड्डी, कंचे, सितोलिया जैसे खेल खेले हैं।

● हम वो आखिरी पीढ़ी के लोग हैं

जिन्होंने चिमनी , लालटेन, कम या बल्ब की पीली रोशनी में होम वर्क किया है और चादर के अंदर छिपा कर नावेल पढ़े हैं।

● हम उसी पीढ़ी के लोग हैं…

जिन्होंने अपनों के लिए अपने जज़्बात, खतों में आदान प्रदान किये हैं और उन ख़तो के पहुंचने और जवाब के वापस आने में महीनों तक इंतजार किया है।

● हम उस आखिरी पीढ़ी के लोग हैं

जिन्होंने कूलर, एसी या हीटर के बिना ही बचपन गुज़ारा है। और बिजली के बिना भी गुज़ारा किया है।

जो अक्सर अपने छोटे बालों में, सरसों का ज्यादा तेल लगा कर, स्कूल और शादियों में जाया करते थे।

जिन्होंने स्याही वाली दावात या पेन से कॉपी, किताबें, कपडे और हाथ काले, नीले किये है। तख़्ती पर सेठे की क़लम से लिखा है और तख़्ती घोटी है।

जिन्होंने टीचर्स से मार खाई है. और घर में शिकायत करने पर फिर मार खाई है

जो मोहल्ले के बुज़ुर्गों को दूर से देख कर, नुक्कड़ से भाग कर, घर आ जाया करते थे. और समाज के बड़े बूढों की इज़्ज़त डरने की हद तक करते थे।

जिन्होंने अपने स्कूल के सफ़ेद केनवास शूज़ पर, खड़िया का पेस्ट लगा कर चमकाया हैं

जिन्होंने गोदरेज सोप की गोल डिबिया से साबुन लगाकर शेव बनाई है जिन्होंने गुड़ की चाय पी है। काफी समय तक सुबह काला या लाल दंत मंजन या सफेद टूथ पाउडर इस्तेमाल किया है और कभी कभी तो नमक से या लकड़ी के कोयले से दांत साफ किए हैं।

जिन्होंने चांदनी रातों में, रेडियो पर BBC की ख़बरें, विविध भारती, आल इंडिया रेडियो, बिनाका गीत माला और हवा महल जैसे

03/07/2022

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।। उदयपुर के मृतक का बयान ।।मैं तो छह दिन बाद रोज़ी पे आया थाघर वाले मना करते थेअभी मत जाओडरते थे खामखाहकहीं कुछ भी तो नह...
03/07/2022

।। उदयपुर के मृतक का बयान ।।

मैं तो छह दिन बाद रोज़ी पे आया था
घर वाले मना करते थे
अभी मत जाओ
डरते थे खामखाह

कहीं कुछ भी तो नहीं था
सूरज बादलों में था
लगता था बरसात होगी

पुलिस ने कहा तो था
कुछ नहीं होगा
आप लोड मत लो
हम हैं ना

न जाओ तो ग्राहकी उजड़ती है
कब तक बैठता घर पर

दुकान खोलते ही आ गए ग्राहक
मैं खुश हुआ कि देखो
हाथ में हुनर हो तो
लोग इंतज़ार करते हैं

मैं तो नाप ले रहा था कुर्ते का
दूसरा मोबाइल में खेल रहा था कुछ
लिखने के लिए झुका था
कि उसने पकड़ लिया
मैं समझ नहीं पाया
कि उसका धक्का लगा
चीखते रहने के पहले
मैं यही पूछना चाहता था
क्यों मार रहे हो मुझे भाई
मैंने क्या किया है

आखिरी बात मैं पूरी कह भी नहीं सका
उसका छुरा मेरी गर्दन रेत रहा था

मैं तो कुछ भी नहीं था
पर मेरी हत्या एक संदेश थी
वह एक ऐलान थी
वह एक फ़ैसला थी

ख़ून की वह लम्बी लकीर देखी होगी आपने
वह एक बयान के नीचे खिंची हुई लाइन थी

पॉलिथीन के नीचे मेरी देह थी
पानी उसके ऊपर बरस रहा था
और खून उसके नीचे से बह कर
बरसात को लाल कर रहा था

मुझे क्या पता था एक दिन मैं भी टीवी पर आऊँगा
यह एकदम अचानक ही हो गया
वरना फ़ोन करके बताता सब नातेदारों को

कि मैं एक कपड़े सिलने वाला नामालूम
एक दिन किसी जिहाद के काम आऊँगा
और मुझे ऐसे क़त्ल किया जाएगा
जैसे एक बड़ी फ़तह की जा रही हो

आशुतोष दुबे

उठकर पानी तक ना पीने वाले...!आज अपने कपड़े खुद धो लेते हैं,वह जो कल तक घर के लाडले थे आज अकेले में रोते हैं !सिर्फ  #बेट...
27/06/2022

उठकर पानी तक ना पीने वाले...!
आज अपने कपड़े खुद धो लेते हैं,वह जो कल तक घर के लाडले थे आज अकेले में रोते हैं !
सिर्फ #बेटियां ही नहीं #बेटे भी पराए होते हैं।

पापा के डांटने पर मम्मी को शिकायत लगाने वाले अब जमाने के नखरे सहते हैं !

खाने में सौ नखरे करने वाले अब कुछ भी खा लेते हैं।
मम्मी के बाजू पर सर रखकर सोने वाले अब बगैर बिस्तर के ही सो लेते हैं !

बहन को छोटी-छोटी बात पर तंग करने वाले अब बहन को याद करके रोते हैं
सिर्फ बेटियां ही नहीं बेटे भी पराए होते हैं !

यह उन बेटों के लिए जो घर की जिम्मेदारियों की वजह से घर से दूर रहते हैं और वह मजबूत बनते रहते हैं जमाने के सामने।
सिर्फ बेटियां ही नहीं साहब बेटे भी घर छोड़ जाते हैं
😭😭😔😭😭😭😭

05/03/2022

💯💯💯💯💯💯💯

26/02/2022

Boy

25/02/2022

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

25/02/2022

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