03/01/2026
बिहार सरकार ने आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाने की प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
अब तीन निजी एजेंसियाँ घर‑घर जाकर कार्ड बनाएंगी।
नई व्यवस्था क्या है?
टेंडर से तीन निजी एजेंसियाँ चयनित होंगी: दक्षिण बिहार, मध्य बिहार और उत्तर बिहार के जिलों के लिए अलग‑अलग।
एजेंसी टीमें घरों तक जाकर पात्र लोगों की पहचान करेंगी और तुरंत कार्ड बनाएंगी।
वर्तमान स्थिति
बिहार में पात्र लाभार्थी करीब 9 करोड़ हैं, जिनमें से 4.13 करोड़ से अधिक को कार्ड जारी हो चुके हैं।
कई परिवारों में कुछ सदस्यों के कार्ड बने हैं, लेकिन बाकी छूट गए हैं; एजेंसियाँ इन्हें कवर करेंगी।
क्यों ज़रूरी था बदलाव?
कार्ड बनाने वाले केंद्रों पर लोग कम आ रहे थे; घर‑घर सर्वे से छूटे पात्रों को योजना से जोड़ा जा सकेगा।
स्वास्थ्य सुरक्षा समिति निगरानी करेगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
लक्ष्य
शत‑प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज का लाभ।